
लखनऊ। राज्यसभा के लिए उत्तर प्रदेश की 10 सीटों के लिए सोमवार को हुए चुनाव में सभी उम्मीदवार निर्विरोध चुन लिए गए हैं। दस में से आठ भारतीय जनता पार्टी से हैं जबकि एक-एक सदस्य समाजवादी पार्टी तथा बहुजन समाज पार्टी के हैं। चुनाव के लिए मतदान की आवश्यकता नहीं पड़ी।
भाजपा के निर्वाचिक आठ प्रत्याशियों में बृजलाल, हरिद्वार दुबे, गीता शाक्य, सीमा द्विवेदी तथा बीएल वर्मा पहली बार सदन में पहुंचे हैं। केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी, भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री अरुण सिंह तथा नीरज शेखर को पार्टी ने दोबारा मौका दिया है। वहीं बहुजन समाज पार्टी से रामजी गौतम तथा समाजवादी पार्टी से प्रोफेसर रामगोपाल यादव भी राज्यसभा पहुंचे हैं।
बता दें कि राज्यसभा के 10 सांसदों का कार्यकाल 25 नवंबर को पूरा हो रहा है। इनमें तीन सांसद बीजेपी के, चार समाजवादी पार्टी के, दो बीएसपी के और एक कांग्रेस के हैं। राज्यसभा चुनावों में बीजेपी यूपी में 9 प्रत्याशी जीतने की स्थिति में थी, लेकिन उसने सिर्फ 8 प्रत्याशी उतारते हुए एक सीट खाली छोड़ दी थी।
बीजेपी के इस दांव ने जहां सबको चौंका दिया था, वहीं कांग्रेस और एसपी ने बीजेपी और बीएसपी के गठजोड़ का आरोप लगाया था। उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की राज्यसभा की 11 सीटों पर नतीजे साफ होने के बाद राज्यसभा में बीजेपी अब तक के शिखर पर है, वहीं कांग्रेस की सीटें इतिहास में सबसे कम हो गई हैं।
राज्यसभा में अब बीजेपी के पास कुल 92 सीटें हो जाएंगी, वहीं कांग्रेस के पास सिर्फ 38 सीटें बचेंगी। अगर बात करें एनडीए की तो अब राज्यसभा में एनडीए की कुल सीटों की संख्या 112 हो जाएगी। यह संख्या बहुमत के आंकड़े से सिर्फ 10 सीटें दूर है। राज्यसभा में कुल सीटें 245 हैं जिनमें से 12 सीटों पर राष्ट्रपति सदस्यों को नामांकित करते हैं। बाकी सीटों पर चुनाव होता है।
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