
भोपाल, 29 अक्टूबर, (न्यूजमंच), मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव की राजनैतिक विसात बिछने के साथ ही शह और मात खेल शुरू हो गया है। रविवार को भारतीय जनता पार्टी ने शतरंज के घोड़े की तरह ढाई घर की फलांग लगाते हुए कांग्रेस चुनाव अभियान समिति के प्रमुख ज्योतिरादित्य सिंधिया को उन्हीं के गढ़ में पटकनी दे दी। मामला मध्यप्रदेश के अशोकनगर जिले के ईसागढ़ से जुड़ा हुआ है। यहां की नगर पालिका परिषद में अध्यक्ष के तौर पर लगातार अपना तीसरा कार्यकाल पूरा करने जा रहे भूपेंद्र द्विवेदी ने नगरपालिका के सभी 11 कांग्रेसी पार्षदों के साथ भोपाल में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष राकेश, सिंह सहित अन्य बीजेपी नेताओं की मौजूदगी में भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर ली। भूपेन्द्र द्विवेदी कांग्रेस चुनाव अभियान समिति के प्रमुख ज्योतिरादित्य सिंधिया के बेहद करीबी माने जाते थे, ऐसे में ऐन चुनावी वक्त में अपने करीबी का दुश्मन पाले में चला जाना सांसद सिंधिया के लिए मुश्किलें खड़ी कर सकता है। दरअसल गुना-अशोकनगर-शिवपुरी जिले कांग्रेसी सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया का गढ़ माने जाते हैं। अशोकनगर जिले का ईसागढ़ कस्बा चन्देरी विधानसभा के अंतर्गत आता है। सिंधिया के करीबियों में शुमार ईसागढ़ नगरपालिका परिषद अध्यक्ष भूपेंद्र द्विवेदी इस बार के विधानसभा चुनाव के लिए चन्देरी विधानसभा से कांग्रेस का अधिकृत प्रत्याशी चुने जाने के लिए दावेदारी कर रहे थे। लेकिन सांसद सिंधिया ने चन्देरी के वर्तमान विधायक गोपाल सिंह चौहान को ही चन्देरी विधानसभा से रिपीट किए जाने का इशारा किया, सांसद द्वारा पिछले विधानसभा चुनाव के बाद एक बार फिर अपनी उपेक्षा से नाराज होकर भूपेंद्र द्विवेदी का रुझान बीजेपी की तरफ हुआ। दुश्मन के गढ़ की दीवार कमजोर होती देख भाजपाईयों ने सिंधिया के गढ़ में सेंध लगाते हुए द्विवेदी को बीजेपी में शामिल कर लिया।
चंदेरी से भाजपा के प्रत्याशी हो सकते हैं द्विवेदी:- भूपेंद्र द्विवेदी ने जैसे ही भाजपा का दामन थामा चंदेरी विधानसभा के राजनैतिक समीकरण बदलते हुए से नजर आए। अब माना जा रहा है कि भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष नीरज मनोरिया के गुट से जुड़े चन्देरी के पूर्व विधायक राव राजकुमार सिंह "महुअन" भूपेंद्र द्विवेदी को अपना समर्थन दे सकते हैं ,ऐसे में चंदेरी विधानसभा के लिए बीजेपी से दावेदारी कर रहे जगन्नाथ सिंह रघुवंशी का पलड़ा कमजोर होता दिखाई दे रहा है। राजनैतिक सूत्र बताते हैं कि पूर्व विधायक जगन्नाथ सिंह की दावेदारी को कमजोर करने के लिए ही भाजपा ने कांग्रेस से असंतुष्ट चल रहे भूपेंद्र द्विवेदी को बीजेपी में लाने की योजना बनाई। इस योजना को भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रभात झा, प्रदेश संगठनमंत्री सुहास भगत, केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, कैबिनेट मंत्री नरोत्तम, संगठन मंत्री शैलेन्द्र बरुआ आदि बड़ें नेताओं ने अमलीजामा पहना दिया।
अपने ही प्यादे से मिल सकती है सिंधिया को मात:-
अपने समर्थकों में महाराज के नाम से लोकप्रिय ग्वालियर के रियासतकालीन महाराजा ज्योतिरादित्य सिंधिया राजनीति की शतरंज के उस मोड़ पर पहुँच गए हैं, जिसमें उन्हें उनके ही प्यादे (भूपेंद्र द्विवेदी) से हार का खतरा बना हुआ है। नगरपालिका अध्यक्ष के तौर पर द्विवेदी का यह दूसरा कार्यकाल चल रहा है, एक बार उनकी पत्नी भी ईसागढ़ नगरपालिका परिषद की अध्यक्ष रह चुकी हैं। एक तरह से देखा जाए तो द्विवेदी नगरपालिका अध्यक्ष के तौर पर अपना तीसरा कार्यकाल पूर्ण करने जा रहे हैं। लगातार तीन बार नगरपालिका अध्यक्ष निर्वचित होकर द्विवेदी ने साबित किया है कि ईसागढ़ क्षेत्र के मतदाताओं पर उनकी पकड़ मजबूत है। वहीं चंदेरी के मौजूदा विधायक गोपाल सिंह चौहान अपने कार्यकाल के दौरान चंदेरी के क्षेत्रवासियों में अपनी छाप छोड़ने में असफल रहे हैं।
दूसरी ओर अगर जातिगत आंकड़ों की बात करें अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, लोधी, यादव, रघुवंशी, ब्राह्मण और मुस्लिम जाती से जुड़े मतदाताओं की संख्या ज्यादा है। सबसे बड़ी संख्या अनुसूचित जनजाति और अनुसूचित जाति से जुड़े मतदाताओं की हैं, फिर लोधी और यादव जाति से जुड़े मतदाता चुनावी परिणाम पर असर डालते हैं। द्विवेदी अगर चंदेरी से भाजपा के अधिकृत प्रत्याशी के तौर पर चुनावी मैदान में उतरते हैं, तो उन्हें यादव मतदाताओं के साथ ही अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग से सपोर्ट मिलने की उम्मीद है। साथ ही नगरपालिका अध्यक्ष रहते हुए द्विवेदी ने ईसागढ़ में जो कार्य कराए हैं, उसका फायदा उन्हें पूरे विधानसभा क्षेत्र में मिल सकता है। ऐसे हालातों में सिंधिया के सामने अपने ही प्यादे से हार का खतरा बना हुआ है।
कांग्रेस विहीन हुई ईसागढ़ नगर पालिका
ईसागढ़ नगरपालिका अध्यक्ष भूपेंद्र नारायण द्विवेदी ,पूर्व अध्यक्ष श्रीमती वंदना द्विवेदी, उपाध्यक्ष भगवत दयाल सेन, पार्षद लियाकत खान, संतोष सेन, दुष्यंत साहू, हरी जाटव, भानु सिंह लोधी, मुकेश शर्मा, राजकुमार और रामदयाल ग्वाल के भाजपा में शामिल होने के बाद ईसागढ़ नगरपालिका कांग्रेस विहीन हो गई। पहले जहां ईसागढ नगर पालिका में 11 कांग्रेस के और चार भाजपा के पार्षद थे। अब सभी 11 पार्षदों ने अध्यक्ष सहित भाजपा की सदस्यता ले ली, ऐसे में अब ईसागढ़ में कांग्रेस का एक भी पार्षद नहीं बचने से ईसागढ़ नगरपालिका कांग्रेस विहीन हो गई है। अब ईसागढ़ के सभी 15 पार्षदों सहित पूरी ईसागढ़ नगर पालिका भाजपा की हो गई है।

दयाशंकर कुशवाहा , October 30th, 2018 08:09 IST
चंदेरी विधानसभा मैं बीजेपी की पकड़ और भी मजबूत हो गई अब चंदेरी विधानसभा में कांग्रेश ना के बराबर रह गई अब चंदेरी विधानसभा में भारतीय जनता पार्टी का परचम लहराएगा