
नई दिल्ली। किसान आंदोलन को लेकर बनाई गई सुप्रीम कोर्ट की चार सदस्यीय कमेटी से भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष और अखिल भारतीय किसान समन्वय समिति के अध्यक्ष भूपिंदर सिंह मान ने खुद को अलग कर लिया है। भूपिंदर पर आरोप लग रहे थे कि वह पहले ही तीनों कृषि कानूनों का समर्थन कर चुके हैं। इस कमेटी में अन्य सदस्य प्रमोद जोशी, अनिल घनवंत और अशोक गुलाटी है। इन पर भी कृषि कानूनों के समर्थन करने के आरोप है।
बता दें कि कृषि कानूनों के खिलाफ किसान आंदोलन का आज 50वां दिन है। सुप्रीम कोर्ट की तरफ से एक्सपर्ट कमेटी बनाने के बाद सरकार और किसान संगठनों के बीच शुक्रवार को होने वाली 10वें दौर की बातचीत पर भी सस्पेंस बना हुआ है। मीटिंग को लेकर सरकार ने बुधवार को सीनियर अफसरों और वकीलों से चर्चा की। वकीलों की सलाह और सभी कानूनी पहलुओं पर विचार के बाद आज अंतिम फैसला लिया जाएगा।
15 जनवरी को यानी कल सरकार और किसानों के बीच बातचीत होनी है। किसानों ने कहा है कि वे सरकार से बातचीत करने को तैयार हैं। लेकिन, किसान जत्थेबंदियों ने साफ किया कि वे किसी भी सूरत में सुप्रीम कोर्ट की कमेटी से बात नहीं करेंगे। क्योंकि, कमेटी सरकार के लिए ही काम करेगी। वहीं, एक्सपर्ट कमेटी को अभी तक सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद नियुक्ति संबंधी कोई पत्र नहीं मिला है।
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