
नई दिल्ली। कृषि कानूनों को लेकर सरकार और किसानों के बीच शनिवार को हुई 5वें दौर की वार्ता बेनतीजा रही। अब 9 दिसंबर को सुबह 11 बजे फिर सरकार और किसान नेताओं की बातचीत होगी। हालांकि, सरकार ने किसानों से तीन दिन का वक्त मांग कर एक प्रपोजल तैयार करने की बात की है। शनिवार की बातचीत इस सहमति पर खत्म हो गई कि केंद्र सरकार राज्यों की राय लेकर एक प्रस्ताव तैयार करेगी और उसे विचार के लिए किसानों के पास भेजेगी। अगले दौर की बातचीत में इस प्रस्ताव पर चर्चा होगी।
बैठक के बाद केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि हमारी सरकार किसानों के प्रति प्रतिबद्ध थी, है और आगे भी रहेगी। उन्होंने कहा कि किसान नेताओं से अच्छे माहौल में बातचीत हुई है। किसानों से सभी पहलुओं पर चर्चा हुई है। एमएसपी जारी रहेगी। तोमर ने कहा कि APMC और मजबूत हो, सरकार इसके लिए तैयार है। सरकार APMC पर किसानों की गलतफहमी दूर करने के लिए तैयार है। हम लोग चाहते थे कि कुछ और बिंदुओं पर सुझाव मिए जाए, लेकिन इस बैठक में ऐसा नहीं हो सका।
तोमर ने कहा, अगर आप छह वर्ष मोदी जी के कार्यकाल में कृषि के क्षेत्र को देखेंगे तो मोदी जी के नेतृत्व में आमूल-चूल परिवर्तन किया गया है। इसमें किसानों की आमदनी बढ़ी है। योजनाएं बनी हैं, बजट बढ़ा है, एमएसपी बढ़ी है, सरकारी खरीद बढ़ी है और किसान महंगी फसलों की ओर आकर्षित हो सके, किसान टेक्नॉलजी से जुड़ सकें और वो समृद्धि की ओर बढ़ सकें, इस मामले में मोदी जी की सरकार ने ऐतिहासिक रूप से काम किया है। कृषि मंत्री ने किसानों से अपील करते हुए कहा कि आप सीनियर सिटीजंस और बच्चों से घरों को लौटने के लिए कहिए।
वहीं किसान नेताओं ने कहा, केंद्र सरकार ने कहा है कि वे हमें 9 दिसंबर को एक प्रस्ताव भेजेंगे। हम आपस में इस पर चर्चा करेंगे जिसके बाद उसी दिन उनके साथ बैठक होगी। दरअसल, सरकार के साथ बातचीत के दौरान दौरान किसान भड़क गए। उन्होंने कह दिया कि सरकार मांगे पूरी करे, नहीं तो मीटिंग छोड़कर चले जाएंगे। किसान नेता बूटा सिंह ने कहा कि हम कानून रद्द करा कर ही मानेंगे। इससे कम पर हम मानने वाले नहीं हैं। भारतीय किसान यूनियन राकेश टिकैत ने कहा, भारत बंद (8 दिसंबर को) घोषणा के अनुसार होगा।'
Leave Comments