
मुंबई। मुंबई समेत देश के कई हिस्सों में कोविशील्ड वैक्सीन की पहली खेप पहुंच गई है। अब इन्हें यहां से कोल्ड स्टोरेज में रखा जाएगा और जब वैक्सीनेशन की शुरुआत होगी, तब टीकाकरण केंद्र पहुंचाया जाएगा। बता दें कि भारत सरकार ने बीते दिन ही सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया को 1.1 करोड़ डोज का आधिकारिक ऑर्डर दिया था। जिसके बाद मंगलवार से ही वैक्सीन की सप्लाई शुरू हुई है। इनमें दिल्ली, मुंबई, गुजरात जैसे राज्य शामिल हैं।
वैक्सीन के मुंबई पहुंचने के बाद बृहन्मुंबई नगर निगम के एक शीर्ष अधिकारी ने बताया, यह वैक्सीन पुणे से मुंबई में बीएमसी के एक विशेष वाहन द्वारा स्वास्थ्य अधिकारियों और पुलिस सुरक्षा के साथ लाई गई। स्टॉक पहले ही परेल में बीएमसी एफ/साउथ डिविजनल ऑफिस पहुंच चुका है। उन्होंने कहा कि, सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (एसआईआई) ने मुंबई के 72 केंद्रों पर होने वाले वैक्सीनेशन अभियान के लिए बीएमसी को करीब 1,39,500 खुराकें दी हैं।
अधिकारी के अनुसार, वैक्सीन को अगले कुछ दिनों में मुंबई के विभिन्न वैक्सीनेशन केंद्रों में एफ/साउथ डिविजनल ऑफिस से भेज दिया जाएगा। चहल ने कहा, इसके बाद हमारे लिए 16 जनवरी को वैक्सीनेशन अभियान के राष्ट्रीय शुभारंभ के साथ मुंबई में टीकाकरण शुरू करना संभव होगा। बीएमसी एफ/साउथ डिवीजन कार्यालय में कर्मचारियों ने दिन की शुरुआत में जोश के साथ ताली, माला और पूजा (प्रार्थना) के साथ जीवन रक्षक वैक्सीन का स्वागत किया। उसके बाद वैक्सीन को केंद्र और राज्य सरकार द्वारा निर्धारित प्रक्रियाओं के अनुसार, भूतल पर तापमान नियंत्रित वैक्सीन स्ट्रांग रूम में भंडारण के लिए भेज दिया गया।
गौरतलब है कि देश में कोविड-19 से सबसे अधिक प्रभावित राज्य महाराष्ट्र है, जहां सबसे अधिक मौतें दर्ज की गई हैं। मुंबई में 72 टीकाकरण केंद्र निर्धारित किए गए हैं, जहां लगभग 100 व्यक्ति प्रत्येक केंद्र या पूरे शहर में लगभग 7,200 लोगों को प्रतिदिन वैक्सीन दी जाएगी। यह घोषणा स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने की।
बता दें कि देश में 16 जनवरी से वैक्सीनेशन का काम शुरू होना है। शुरू में 3 करोड़ कोरोना वॉरियर्स, फ्रंटलाइन वर्कर्स को वैक्सीन का डोज लगेगा, जिसका खर्च केंद्र सरकार उठाएगी। इसके बाद 27 करोड़ उन लोगों का नंबर आएगा, जिनकी उम्र 50 वर्ष से अधिक है या फिर कोई गंभीर बीमारी है।
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