
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए IIM संबलपुर के कैंपस की आधारशिला रखी। यह पहला ऐसा आईआईएम होगा, जहां फ्लिप्ड क्लासरूम की सुविधा होगी। इसमें बुनियादी चीजें डिजिटल मोड में सिखाई जाएंगी और इंडस्ट्री से लाइव प्रोजेक्ट्स के माध्यम से अनुभवों की जानकारी दी जाएगी। बता दें कि फ्लिप्ड क्लासरूम, पारंपरिक टीचिंग से एकदम अलग है। इस मॉडल में स्टूडेंट्स ऑनलाइन लेक्चर्स अपनी सुविधानुसार ले सकते हैं। पढ़ाई का यह तरीका न केवल सीखने की क्षमता में सुधार लाता है, बल्कि स्टूडेंट्स का स्कोर भी बेहतर होता है।
IIM संबलपुर के कैंपस की आधारशिला रखने के दौरान पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा, आज IIM कैंपस के शिलान्यास के साथ ही ओडिशा के युवा सामर्थ्य को मजबूती देने वाली एक नई शिला भी रखी गई है। IIM का ये स्थायी कैंपस ओडिशा के महान संस्कृति और संसाधनों की पहचान के साथ ओडिशा को मैंनेजमेंट जगत में नई पहचान देने वाला है। देश के नए क्षेत्रों में नए अनुभव लेकर निकल रहे मैंनेजमेंट एक्सपर्ट भारत को नई ऊंचाई पर ले जाने में बड़ी भूमिका निभाएंगे। इस साल भारत ने कोविड संकट के बावजूद पिछले सालों की तुलना में ज्यादा यूनिकॉर्न दिए हैं।
पीएम मोदी ने कहा, आज खेती से लेकर स्पेस सेक्टर तक जो अभूतपूर्व रिफॉर्म किए जा रहे हैं उनमें स्टार्टअप के लिए संभावनाएं लगातार बढ़ रही हैं। आपमें से अनेक साथी संबलपुरी टेक्सटाइल और कटक की फिलिगिरी कारीगरी को ग्लोबल पहचान दिलाने में अपने कौशल का इस्तेमाल करेंगे, यहां के टूरिज्म को बढ़ाने के लिए काम करेंगे, तो आत्मनिर्भर भारत अभियान के साथ ही ओड़िशा के विकास को भी नई गति मिलेगी। पीएम ने कहा, Work from anywhere के कॉन्सेप्ट से पूरी दुनिया ग्लोबल विलेज से ग्लोबल वर्कप्लेस में बदल गई है। भारत ने भी इसके लिए हर जरूरी रिफॉर्म्स बीते कुछ महीनों में तेजी से किए हैं।
IIM संबलपुर के कैंपस की आधारशिला कार्यक्रम में ओडिशा के राज्यपाल गणेशी लाल और मुख्यमंत्री नवीन पटनायक भी शामिल हुए। इनके अलावा रमेश पोखरियाल 'निशंक', धर्मेंद्र प्रधान और प्रताप चंद्र सारंगी जैसे केंद्रीय मंत्री भी उपस्थित रहे।
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