
नई दिल्ली। कृषि कानून के खिलाफ किसान सड़कों पर है। किसानों का कहना है कि सरकार उनकी बात नहीं सुन रही है वह और वह दिल्ली जाकर रहेंगे चाहे कुछ भी हो जाए। हालांकि प्रदर्शनकारियों को दिल्ली पुलिस ने बुराड़ी के निरंकारी ग्राउंड में इकट्ठा होने की अनुमति दे दी है। किसानों को बुराड़ी ग्राउंड में शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करने की अनुमति के बाद दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की ओर से 5 हजार लोगों के लिए लंगर की व्यवस्था की गई है। केजरीवाल सरकार ने भी किसानों के लिए पानी, खाना और शौचालय की व्यवस्था की है। वहीं प्रदर्शन कर रहे किसानों से बातचीत के लिए मोदी सरकार तैयार हो गई है। केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने इस संबंध में जानकारी दी।
तोमर ने कहा, 'मैं अपील करना चाहूंगा कि सर्दी का मौसम है। बीट का समय है। किसान आंदोलन का रास्ता छोड़कर चर्चा करें। हमने अपने तरफ से निमंत्रण दिया हुआ है। जब तक मोदी जी प्रधानमंत्री हैं तब तक किसानों का अहित नहीं हो सकता है। मैं किसानों से अपील करता हूं कि किसान संगठन चर्चा में शामिल हों और बातचीत कर समस्या का हल निकालें। कृषि मंत्री ने कहा कि 3 दिसंबर को चर्चा के लिए किसान यूनियन की तरफ से जो जवाब आएगा या कोई प्रस्ताव आएगा बातचीत के लिए तो उस पर हम विचार करेंगे। उन्होंने कहा कि एमएसपी अब भी है और आगे भी रहेगी। किसान चाहें तो वह तुलना कर सकते हैं कि कांग्रेस के शासनकाल में और मोदी के शासनकाल में किसानों के लिए क्या हुआ है। कृषि मंत्री ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि इस बिल पर बात करने के लिए राहुल गांधी को कोई नैतिक अधिकार नहीं है। वह झूठ बोलने में माहिर हैं।
क्यों हो रहा है प्रदर्शन?
बता दें कि केंद्र सरकार के कृषि बिलों के विरोध में पंजाब, हरियाणा और राजस्थान के किसान गुरुवार को 26 से 28 नवंबर तक के लिए 'दिल्ली कूच' पर निकले है। गुरुवार और शुक्रवार को दिल्ली और हरियाणा सरकार ने राज्य की सीमा पर किसानों को रोक लिया। इस दौरान पंजाब से सटे हरियाणा बॉर्डर पर हिंसक प्रदर्शन हुए। पंजाब के प्रदर्शनकारियों ने हरियाणा बॉर्डर पर बैरिकेडिंग नदी में फेंक दी और पथराव किया। इसके बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए पानी की बौछार की और आंसू गैस के गोले दागे।
दरअसल, सरकार ने कृषि सुधारों के लिए 3 कानून द फार्मर्स प्रोड्यूस ट्रेड एंड कॉमर्स (प्रमोशन एंड फेसिलिटेशन) एक्ट; द फार्मर्स (एम्पावरमेंट एंड प्रोटेक्शन) एग्रीमेंट ऑफ प्राइज एश्योरेंस एंड फार्म सर्विसेस एक्ट और द एसेंशियल कमोडिटीज (अमेंडमेंट) एक्ट बनाए है। इनके विरोध में पंजाब और हरियाणा के किसान पिछले दो महीनों से सड़कों पर हैं। किसानों को लगता है कि सरकार MSP हटाने वाली है, जबकि खुद प्रधानमंत्री इससे इनकार कर चुके हैं।
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