
न्यूयॉर्क। अमेरिका का अगला राष्ट्रपति कौन होगा ये अब तक तय नहीं हो पाया है। अमेरिका के लोगों के साथ ही दुनिया भर के तमाम देशों को अनिश्चितता के इस कोहरे के छंटने का इंतजार है, क्योंकि अभी तक लाखों वोटों की गिनती नहीं हुई है। रिपबल्किन पार्टी के उम्मीदवार राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवार जो बाइडन के बीच कांटे की टक्कर है। हालांकि मतगणना में डेमोक्रेटिक पार्टी के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार जो बाइडन आगे चल रहे हैं। कुल 538 इलेक्टोरल कॉलेज सीट में से बाइडन 238 और ट्रंप 213 पर जीत दर्ज कर चुके हैं, जबकि 87 सीटों के नजीजे आने अभी बाकी हैं। राष्ट्रपति पद तक पहुंचने के लिए 278 इलेक्टोरल कॉलेज वोटों की जरूरत है।
एनबीसी के अनुसार, 6.86 करोड़ वोट बाइडन के लिए और 6.6 करोड़ वोट ट्रंप के लिए पड़े हैं। ट्रंप अपने प्रतिद्वंदी बाइडन से 26 लाख वोटों से पीछे हैं। अभी 2.31 करोड़ वोटों की गिनती होना बाकी है। इसलिए अभी कुछ भी नहीं कहा जा सकता है कि ऊंट किस करवट बैठेगा। यानी राष्ट्रपति चुनाव में कोई भी बाजी मार सकता है। राष्ट्रपति के पद पर कौन संभालेगा, इसका फैसला अब लगभग छह राज्यों - एरिजोना, मिशिगन, नेवादा, उत्तरी कैरोलिना, पेंसिल्वेनिया और विस्कॉन्सिन के परिणामों पर टिका हुआ है, जहां 83 इलेक्टोरल कॉलेज सीटों पर वोटों की गिनती होनी है। इन चार राज्यों में ट्रंप चार में जबकि बाइडन दो में बढ़त बनाए हुए हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति का चुनाव एक इलेक्टोरल कॉलेज पर आधारित होता है, जिसमें राज्य प्रतिनिधियों का आनुपातिक प्रतिनिधित्व होता है, जो किसी उम्मीदवार को कम लोकप्रिय वोटों से जीतने में सक्षम बनाता है अगर इलेक्टोरल कॉलेज के वोट अधिक हों। ट्रंप ने 2016 में हिलेरी क्लिंटन को इलेक्टोरल कॉलेज में हराया था, हालांकि उन्हें हिलेरी के मुकाबले 28 लाख कम पॉपुलर (लोकप्रिय) वोट हासिल हुए थे। ट्रंप ने कहा है कि वोटों की गिनती में कई जगह धोखाधड़ी हुई है। ट्रंप ने देश के साथ बड़ी धोखाधड़ी का दावा करते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख करने की बात कही है।
डोनाल्ड ट्रंप ने वोटों की गिनती के बीच देश को संबोधित किया और दावा किया है कि वह चुनाव जीत रहे हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव के नतीजे आश्चर्यजनक होंगे और हम जैसी उम्मीद कर रहे हैं, जीत वैसी ही होगी। ट्रंप ने कहा, हमने टेक्सस, नॉर्थ कैरोलिना और जॉर्जिया में जीत दर्ज की है। हमें जीत का पूरा भरोसा है। वहीं बाइडन ने कहा, भरोसा रखिए, हम चुनाव जीतने जा रहे हैं। सीनेट रिपब्लिकन पार्टी के नियंत्रण में बने रहने के लिए तैयार दिखाई दे रही है और डेमोक्रेटिक पार्टी प्रतिनिधि सभा में अपना बहुमत बढ़ाने में मुश्किल में नजर आ रही है।
एनबीसी के अनुसार, रिपब्लिकन ने 100 सदस्यीय सीनेट में 47 जबकि डेमोक्रेट ने 46 सीटें जीती हैं। इस चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी ने कोरोनावायरस को भी बड़ा मुद्दा बनाया था। विपक्षी पार्टी ने ट्रंप प्रशासन पर कोरोना संक्रमण से ढंग से नहीं निपट पाने को लेकर आरोप लगाए हैं। इस बार के अमेरिकी चुनावों को एतिहासिक करार दिया जा रहा है। यह भी आशंका जताई जा रही है कि इस बार चुनावी परिणाम आने में अधिक देरी भी हो सकती है।
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