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श्रीलंका में राजनीतिक संकट टला, महिंद्रा राजपक्षे के इस्तीफा देने के कुछ घंटे बाद विक्रमेसिंघे की बहाली, रविवार को ली शपथ
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श्रीलंका में राजनीतिक संकट टला, महिंद्रा राजपक्षे के इस्तीफा देने के कुछ घंटे बाद विक्रमेसिंघे की बहाली, रविवार को ली शपथ

कोलोंबो, 16 दिसंबर, न्यूज़ मंच, रनिल विक्रमेसिंघे ने रविवार को श्रीलंका के प्रधान मंत्री के रूप में शपथ ली। विक्रमेसिंघे, जिन्हे आश्चर्यजनक रूप से प्रधान मंत्री के पद से बर्खास्त कर दिया गया था, उनकी बहाली श्री लंका में राजनीतिक संकट को खत्म करने की तरफ एक अति आवश्यक कदम था। जिस तरह से विक्रमेसिंघे को हटाया गया, वह राष्ट्रपति जैसे पद और एक राष्ट्र के संविधान के लिए पूरी दुनिया के सामने शर्मिंदगी का विषय साबित हुआ है। 

दरअसल, राजनीतिक मामलों और अन्य मुद्दों पर मतभेदों के बाद श्रीलंका के राष्ट्रपति मैत्रिपला सिरीसेना ने रनिल विक्रमेसिंघे को प्रधान मंत्री पद से हटा कर पूर्व राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे को प्रधान मंत्री नियुक्त कर दिया था। हालांकि, राजपक्षे संसदीय बहुमत जीतने में विफल रहे और शनिवार को इस्तीफा दे दिया था।

महिंद्रा राजपक्षे के इस्तीफा देने के कुछ घंटे बाद विक्रमेसिंघे की बहाली की गयी। विक्रमेसिंघे, जिन्होंने कभी भी प्रधान मंत्री के रूप में अपना कार्यकाल पूर्ण नहीं किया था, उन्हें पांचवें बार इस पद के लिए नियुक्त किया गया है । 

यूनाइटेड नेशनल पार्टी के नेता रनिल विक्रमेसिंघे ने रविवार को श्रीलंका के प्रधान मंत्री के रूप में शपथ ली। विक्रमेसिंघे को राष्ट्रपति मैत्रिपला सिरीसेना द्वारा पद की शपथ दी गई। 

सिरीसेना लगातार कहते रहे कि वह विक्रमेसिंघे को प्रधान मंत्री के रूप में दोबारा नहीं आने देंगे। लेकिन उन्हें 1 जनवरी तक आवश्यक अस्थायी बजट के लिए संसदीय अनुमोदन प्राप्त करने के लिए अपना रुख बदलना ही पड़ा।


विक्रमेसिंघे ने ट्वीट करके कहा, "यह श्रीलंका के लोकतांत्रिक संस्थानों और हमारे नागरिकों की संप्रभुता की जीत है।" उन्होंने यह भी लिखा, "मैं उन सभी को धन्यवाद देता हूं, जो संविधान का बचाव करने और लोकतंत्र की जीत सुनिश्चित करने में दृढ़ थे।"mahindra rajapakse

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