
पटना। बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर तीसरे और अंतिम चरण के शनिवार को होने वाले मतदान में विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार चौधरी के अलावा नीतीश कुमार सरकार के 12 मंत्रियों का सियासी भविष्य भी दांव पर लगा है। तीसरे चरण में शनिवार को 78 सीटों पर मतदान होना है। इस चरण में महागठबंधन के भी कई दिग्गज नेताओं के राजनीतिक भविष्य को भी मतदाता तय करेंगे।
इस चरण के चुनाव में मुख्य मुकाबला राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) और विपक्षी दलों के महागठबंधन के बीच माना जा रहा है। तीसरे चरण के मतदान में 15 जिलों के 78 विधानसभा क्षेत्रों में 2़.35 करोड़ से अधिक मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे, जिनके लिए 33,782 मतदान केंद्र बनाए गए हैं।
इस चरण में विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार चौधरी के अलावा नीतीश मंत्रिमंडल के 12 सदस्यों सहित राजद के कई दिग्गज नेताओं का भविष्य तय होना है। तीसरे चरण के चुनाव में पश्चिम चम्पारण, पूर्वी चम्पारण, सीतामढ़ी, मधुबनी, सुपौल, अररिया, किशनगंज, पूर्णिया, कटिहार, मधेपुरा, सहरसा, दरभंगा, मुजफरपुर, वैशाली तथा समस्तीपुर जिलों के विधानसभा सीटों पर मतदान होगा।
बिहार चुनाव में तीसरे और अंतिम चरण में मतदाता बिहार विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार चौधरी के अलावा राज्य के मंत्रियों में विजेन्द्र प्रसाद यादव, नरेंद्र नारायण यादव, महेश्वर हजारी, रामदेव ऋषिदेव, फिरोज अहमद, लक्ष्मेश्वर राय, बीमा भारती, मदन सहनी, सुरेश शर्मा, प्रमोद कुमार, बिनोद नारायण झा और कृष्ण कुमार ऋषि चुनावी मैदान में हैं।
इसके अलावा मधेपुरा के बिहारीगंज से सुभाषिनी यादव कांग्रेस की उम्मीदवार हैं, जो अपने पिता और दिग्गज समाजवादी नेता तथा पूर्व केंद्रीय मंत्री शरद यादव की राजनीतिक विरासत को बचाने चुनावी मैदान में पहली बार उतरी हैं। इसके अलावा केवटी से राजद नेता अब्दुल बारी सिद्दिकी, बोचहा से रमई राम, सहरसा से लवली आनंद की भी किस्मत दांव पर लगी है।
चुनाव आयोग के मुताबिक, इस चरण में 1,204 प्रत्याशियों की किस्मत का फैसला होना है, इनमें से 1094 पुरूष तथा 110 महिला शामिल हैं। सबसे अधिक 31 प्रत्याशी गायघाट से हैं जबकि सबसे कम नौ प्रत्याशी ढाका, त्रिवेणीगंज, जोकीहाट तथा बहादुरगंज से हैं।
Leave Comments