
नई दिल्ली। कोरोना के बीच अब एक और नया संकट गहराता दिख रहा है। देश के कई राज्यों में बर्ड फ्लू से दहशत मच गई है। हरियाणा में करीब एक लाख मुर्गी और चूजों की मौत हो चुकी है। मुर्गियों के रहस्यमय तरीके से मरने का सिलसिला 5 दिसंबर से शुरू हुआ था। हिमाचल के कांगड़ा के पौंग में 1700 प्रवासी पक्षियों की मौत हो गई। इन पक्षियों में H5N1 वायरस मिला है जो कि बर्ड फ्लू होने की पुष्टि करता है। वहीं मध्य प्रदेश में 23 दिसंबर से 3 जनवरी तक 376 कौओं की मौत हो चुकी है। गुजरात और राजस्थान में भी बल्ड फ्लू के केस मिले है। इसके अलावा केरल के अलाप्पुझा और कोट्टायम जिले में बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई है।
हिमाचल:
हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला से करीब 300 किलोमीटर दूर कांगड़ा के पौंग जलाशय में प्रवासी पक्षियों की सेंक्चुरी बनाई गई है। पौंग झील में हर साल अक्टूबर से मार्च तक रूस, साइबेरिया, मध्य एशिया, चीन, तिब्बत आदि देशों से विभिन्न प्रजातियों के रंग-बिरंगे परिंदे लंबी उड़ान भर यहां पहुंचते हैं। इस साल यहां 1700 पक्षियों की मौत हो चुकी है। इसके बाद जिला प्रशासन ने इस जलाशय के आसपास चिकन, अंडे समेत पोल्ट्री उत्पादों की बिक्री पर रोक लगा दी है। पौंग झील के एक किलोमीटर के दायरे में आने वाले क्षेत्र को अलर्ट जोन घोषित किया गया है। प्रशासन ने ने बर्ड फ्लू की आशंका के चलते झील में सभी प्रकार की गतिविधियों पर रोक लगा दी है।
मध्यप्रदेश:
मध्यप्रदेश के कुछ इलाकों में भी बर्ड फ्लू के मामले सामने आ चुके हैं। मध्य प्रदेश में 23 दिसंबर से 3 जनवरी तक 376 कौओं की मौत हो चुकी है। इनमें से सबसे ज्यादा 142 मौतें इंदौर में हुई हैं। इसके अलावा मंदसौर में 100, आगर-मालवा में 112, खरगोन जिले में 13, सीहोर में 9 कौओं की मौत हुई है। बर्ड फ्लू की पुष्टि के बाद पशुपालन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि भले ही अभी पोल्ट्री पक्षियों में कोई लक्षण नहीं दिखे हों लेकिन फिर भी पोल्ट्री एवं पोल्ट्री उत्पाद बाजार, फार्म, जलाशयों एवं प्रवासी पक्षियों पर विशेष निगरानी रखी जाए। वहीं प्रशासन ने सर्दी, खांसी और बुखार के लक्षणों वाले मरीजों का पता लगाने के लिए अभियान की शुरुआत कर दी है।
राजस्थान:
राजस्थान में पिछले दिनों सैकड़ों पक्षियों की की मौत हुई है। 25 दिसंबर को पहली बार झालावाड़ में कौओं के मरने की सूचना मिली थी, जिसके बाद 27 दिसंबर को मरने के कारणों को जांचने के लिए भोपाल लैब में सैम्पल भेजे गए थे। जांच में बर्ड फ्लू की पुष्टि होने के बाद पशुपालन विभाग ने इससे निपटने के लिए राज्य स्तरीय नियंत्रण स्थापित किया है। जानकारी के अनुसार यहां मरने वाले पक्षियों में सबसे ज्यादा संख्या कौवों की है और अधिकांश मामले कोटा और जोधपुर संभाग से सामने आए हैं। राजस्थान कई जिलों में पक्षियों की मौत का सिलसिला जारी है। रविवार को विभिन्न जिलों में 170 से अधिक पक्षियों की मौत हो गई। पशुपालन विभाग के अनुसार राज्य में 425 से अधिक कौवों, बगुलों और अन्य पक्षियों की मरे हैं।
हरियाणा:
हरियाणा के बरवाला क्षेत्र में रहस्यमय तरीके से मर रहीं मुर्गियों की वजह से इलाके में एवियन फ्लू का भय है। यहां करीब एक लाख मुर्गी और चूजों की मौत हो चुकी है। मुर्गियों के रहस्यमय तरीके से मरने का सिलसिला 5 दिसंबर से शुरू हुआ थाय़ बता दें कि बरवाला क्षेत्र के 110 मुर्गी फार्मों में से लगभग दो दर्जन फार्मों में मुर्गियों की रहस्यमय तरीके से मौत हो चुकी है। मुर्गियों की मौत के बाद अब पंचकूला जिला प्रशासन हरकत में आया है। राज्य के पशुपालन विभाग ने प्रभावित फार्मो में पाई गई मृत मुर्गियां के 80 सैम्पल इकट्ठे करके जांच के लिए जालंधर की रीजनल डिजीज डायग्नोस्टिक लैबोरेट्री में भेजे गए हैं।
केरल:
दक्षिण में भी बर्ड फ्लू दस्तक दे चुका है। केरल के अलाप्पुझा और कोट्टायम जिले में बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई है। बर्ड फ्लू के केस आने पर प्रशासन अलर्ट हो गया है। कंट्रोल रूम बनाए गए हैं और दोनों ही जिलों में QRT क्विक रिएक्शन टीमों की तैनाती कर दी गई है। बता दें कि दिसंबर के आखिरी सप्ताह में दोनों जिले में कई बत्तख मृत पाई गई थीं। भोपाल की लैब में 8 सैम्पल भेजे गए थे जिनमें से 5 में फ्लू पाया गया। अब तक करीब 1700 बत्तखों की मौत हो चुकी है।
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