
नयी दिल्ली। कांग्रेस ने सोमवार को सरकार पर किसानों के खिलाफ जंग छेड़ने का आरोप लगाया, साथ ही बालाकोट एयर स्ट्राइक से पहले कथित तौर पर जानकारी लीक किये जाने और गत गणतंत्र दिवस पर कुछ उपद्रवी तत्वों के लाल किले में घुसने एवं धार्मिक ध्वज लगाने से जुड़े घटनाक्रम की संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) से जांच कराने की मांग की। राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा में हिस्सा लेते हुए लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि सरकार को किसानों से बातचीत करके विवादित कृषि कानूनों से जुड़े मामले का समाधान निकालना चाहिए क्योंकि इसके कारण देश की छवि धूमिल हो रही है ।
चौधरी ने एक वरिष्ठ पत्रकार की कथित व्हाट्सऐप बातचीत सार्वजनिक होने का उल्लेख किया और कहा कि बालाकोट एयर स्ट्राइक से पहले जानकारी को लीक किया जाना सरकारी गोपनीयता कानून का उल्लंघन है और इसकी संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) से जांच करानी चाहिए। कांग्रेस नेता ने स्वीडिश पर्यावरण कार्यकर्ता ग्रेटा थनबर्ग के किसान आंदोलन का समर्थन करने और इसको लेकर विदेश मंत्रालय की प्रतिक्रिया का भी हवाला दिया और कहा कि जिस तरह से पूरी सरकार 18 साल की एक लड़की के खिलाफ खड़ी हो गई है, उससे देश की छवि धूमिल हो रही है। किसान आंदोलन का जिक्र करते हुए कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया, ‘‘ आप एक तरफ मुसलमान और दूसरी तरफ किसान के खिलाफ जंग छेड़े हुए हैं।’’
उन्होंने सवाल किया, ‘‘ संसद से कुछ किलोमीटर की दूरी पर हजारों किसान दो महीने से बैठे हैं। 200 से ज्यादा किसानों की जान चली गई। प्रधानमंत्री को किसानों के साथ बातचीत करने की फुर्सत नहीं है क्या? इतना अहंकार क्यों है?’’ किसानों की स्थिति को दयनीय बताते हुए उन्होंने सरकार से कहा, ‘‘ आप बहुमत का बाहुबल बंद करिए।’’ उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि आपके ऊपर खतरा मंडरा रहा है और पंजाब, हरियाणा तथा उत्तर प्रदेश में भाजपा को नुकसान उठाना पड़ेगा। चौधरी ने कहा, ‘‘किसानों के खिलाफ जंग बंद करो।’’ कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘ मैं... विपक्ष और आपके बहुत सारे सांसदों की तरफ से आग्रह करता हूं कि किसानों के साथ बातचीत करके समाधान निकालिए।’’
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