
जम्मू। चुनाव आयुक्त केके शर्मा ने पीडीपी नेता और पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती को हिरासत में लिए जाने के आरोपों का खंडन किया है। जम्मू-कश्मीर चुनाव आयोग के आयुक्त ने कहा कि महबूबा मुफ्ती को हिरासत में नहीं लिया गया है। हर उम्मीदवार को प्रचार के लिए पर्याप्त समय दिया गया है।
शर्मा ने कहा, मुफ्ती पुलवामा जाना चाहती थीं लेकिन वह सुरक्षित जगह नहीं है। इसीलिए उन्हें उस क्षेत्र में चुनाव प्रचार के लिए नहीं जाने को कहा गया है। उन्होंने यह भी कहा कि महबूबा मुफ्ती की ओर से किसी तरह की कोई शिकायत भी नहीं मिली है। शर्मा ने कहा, घाटी में कुछ ऐसे क्षेत्र हैं जो संवेदनशील हैं। इसलिए, उम्मीदवारों को पुलिस की सलाह का पालन करना होगा।
बता दें कि शनिवार को डीडीसी चुनावों का पहला चरण है और खाली पड़ी पंचायत सीटों के लिए भी उपचुनाव हो रहा है। इस चुनाव में करीब 7 लाख मतदाता अपने लोकतांत्रिक अधिकार का प्रयोग करेंगे। डीडीसी के 43 निर्वाचन क्षेत्रों में कुल 296 उम्मीदवार मैदान में हैं। मतदान का समय सुबह 7 बजे से शुरू होगा जो दोपहर 2 बजे तक चलेगा। चुनाव आयोग ने बताया कि 43 में से 25 निर्वाचन क्षेत्र कश्मीर घाटी में और 18 जम्मू क्षेत्र में होने जा रहे हैं। जम्मू में 124 और कश्मीर में 172 उम्मीदवार मैदान में हैं।
शुक्रवार को दिन में महबूबा मुफ्ती को अधिकारियों ने श्रीनगर में उनके आवास पर प्रेस कॉन्फ्रेंस करने से रोक दिया। उनके आवास के बाहर बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात रहे। पुलिस ने मीडिया के लोगों को प्रेस कॉन्फ्रेंस में शामिल होने के लिए उसके निवास में प्रवेश करने की अनुमति नहीं दी। इससे पहले महबूबा मुफ्ती ने आरोप लगाया कि उन्हें पार्टी नेता वहीद पारा के आवास पर जाने से रोका गया, जिन्हें बुधवार को एनआईए ने गिरफ्तार कर लिया था।
राज्य प्रशासन पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए, महबूबा ने कहा कि सुरक्षा कारणों का हवाला देकर उनको वहीद पारा के परिवार से मिलने से रोका गया, जबकि भाजपा नेताओं को पूरे कश्मीर में यात्रा करने की अनुमति है। महबूबा ने ट्वीट किया, मुझे फिर से अवैध रूप से हिरासत में रखा गया है। दो दिनों से, जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने मुझे पुलवामा में वहीद पारा के परिवार से मिलने की अनुमति देने से इनकार कर दिया है। भाजपा के मंत्रियों और उनकी कठपुतलियों को कश्मीर के हर कोने में घूमने की अनुमति है। सुरक्षा केवल एक बहाना है।
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