
मुंबई। कोविड-19 महामारी पर अंकुश पाने के लिए लगाए गए लॉकडाउन के शुरुआती दिनों में भारतीय उद्यमों के खिलाफ दो गुने हुए आनलाइन धोखाधड़ी के प्रयास । अमेरिका की सूचना और आंतरिक दृष्टि रखने वाली कंपनी ने कहा जैसे-जैसे अर्थव्यवस्था को खोले जाने का क्रम शुरू हुआ है, धोखाधड़ी के प्रयास के मामलों में भी कमी आती चली गई है।
ट्रांस यूनियन नामक कंपनी ने पाया कि लॉकडाउन के पहले चरण (11 मार्च से लेकर 18 मई के बीच) में भारतीय व्यवसायों के खिलाफ आनलाइन धोखाधड़ी के प्रयास महामारी से पहले की अवधि (एक जनवरी से 10 मार्च 2020) के मुकाबले 121 प्रतिशत बढ़ गए। कंपनी ने कहा है कि 19 मई से 25 जुलाई के बीच जैसे ही काम धंधे शुरू होने लगे तो धोखाधड़ी के इन प्रयासों में गिरावट आने लगी और लॉकडाउन के पहले चरण के मुकाबले ऐसे प्रयास 29 प्रतिशत कम हो गए।
कंपनी धोखाधड़ी से बचाव का समाधान पेश करती है। कंपनी 40 हजार से अधिक वेबसाइट और ऐप पर नजर रखती है और अरबों डालर के लेनदेन पर खुफिया नजर रखती है। ट्रांसयूनियन के भारत स्थित कार्यालय में धोखाधड़ी, निदान और वैकल्पिक डेटा के प्रमुख शालीन श्रीवास्तव ने कहा धोखाधड़ी करने वाले ये लोग अपने प्रयासों में असफल रहे क्योंकि उद्यमों द्वारा अपनाए गए सुरक्षा उपायों की वजह से वह ऐसा नहीं कर पाए।
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