
लखनऊ। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने शनिवार को लव जिहाद के खिलाफ उत्तर प्रदेश सरकार के पारित अध्यादेश को मंजूरी दे दी है। इस मंजूरी के बाद ये अध्यादेश आज से लागू हो गया है। बता दें कि 24 अक्टूबर को उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने लव जिहाद पर अध्यादेश को मंजूरी दी थी। इसके बाद इसे राज्यपाल के पास पारित करवाने के लिए भेजा गया था। अध्यादेश के मुताबिक, धोखे से धर्म बदलवाने पर 10 साल तक की सजा होगी। इसके अलावा सहमति से धर्म परिवर्तन के लिए जिलाधिकारी को दो महीने पहले सूचना देनी होगी।
लव जिहाद अध्यादेश के मुख्य बिंदु:
-लव जिहाद के खिलाफ अध्यादेश में 10 साल तक की सजा है। 15000 से ₹50000 तक का जुर्माना है।
-अध्यादेश में शादी के नाम पर धर्म परिवर्तन अवैध घोषित किया गया है।
-धर्मगुरु धर्म परिवर्तन करता है तो उसे जिलाधिकारी से अनुमति लेनी होगी।
-जो धर्म परिवर्तन करेगा उसे भी जिलाधिकारी से अनुमति लेनी होगी।
-यदि कोई सामूहिक रूप से धर्म परिवर्तन कर आता है तो उसे 10 साल की सजा और ₹50000 का जुर्माना देना होगा।
-यदि ऐसा करने वाला कोई संगठन है तो उसकी मान्यता रद्द हो सकती है। उसके खिलाफ भारतीय दंड संहिता के तहत कार्रवाई हो सकती है।
आपको बता दें कि जिहाद शब्द का अर्थ इस्लाम में धर्म की रक्षा के लिए युद्ध करना है। इस समय चल रहा लव जिहाद शब्द एक गढ़ा हुआ है। इस्लाम धर्म में इस शब्द का मतलब शादी या प्रेम का झांसा देकर धर्म परिवर्तन करवाने से समझा जाता है। कथित रूप से मुस्लिम पुरुषों द्वारा गैर-मुस्लिम समुदायों से जुड़ी महिलाओं को इस्लाम में धर्म परिवर्तन के लिए प्रेम का नाटक करना। उत्तर प्रदेश सरकार ने ऐलान किया था कि हम लव जिहाद पर नया कानून बनाएंगे ताकि लालच, दबाव, धमकी या झांसा देकर शादी की घटनाओं को रोका जा सके।
Leave Comments