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पाकिस्तान: इमरान खान बोले- अमेरिका से निष्पक्ष व्यवहार की उम्मीद है
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पाकिस्तान: इमरान खान बोले- अमेरिका से निष्पक्ष व्यवहार की उम्मीद है

इस्लामाबाद। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने कहा है कि उन्हें उम्मीद है कि अमेरिका भारत के मुकाबले पाकिस्तान के साथ निष्पक्ष/समान व्यवहार बनाए रखेगा। इमरान खान ने कहा कि अमेरिका को यह लगता है कि भारत इस क्षेत्र में चीन के प्रभाव को सीमित कर सकता है, मगर यह कोरी कल्पना है। उन्होंने कहा, इसलिए हम उम्मीद करते हैं कि अमेरिका दुनिया के सबसे मजबूत देश के तौर पर निष्पक्ष बना रहेगा, चाहे फिर राष्ट्रपति कोई भी बनें। अमेरिका को यह लगता है कि भारत इस क्षेत्र में चीन के प्रभाव को सीमित कर सकता है, मगर यह कोरी कल्पना है। उन्होंने कहा, भारत अपने पड़ोसियों चीन, बांग्लादेश, श्रीलंका और हमारे (पाकिस्तान) लिए खतरा है। खान ने जर्मन साप्ताहिक समाचार पत्रिका डेर स्पीगल से बात करते हुए यह टिप्पणी की।

तालिबान को बातचीत की मेज पर लाने में पाकिस्तान की भूमिका के बारे में बात करते हुए, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने कहा कि इस्लामाबाद का लाभ यह है कि इसमें 27 लाख से अधिक अफगानी हैं, जो शरणार्थियों के रूप में रहते हैं। खान ने कहा कि पाकिस्तान की एकमात्र चिंता यह है कि भारत परिस्थिति का फायदा उठाते हुए अफगानिस्तान से पाकिस्तान को निशाना बनाएगा और उसे अस्थिर करने का प्रयास करेगा।

उन्होंने कहा, अफगानिस्तान में हमारे फायदे जैसी कोई चीज नहीं है। हमारी एकमात्र दिलचस्पी यही है कि काबुल में भविष्य की सरकार भारत को पाकिस्तान के खिलाफ वहां से काम करने की अनुमति न दे। विभिन्न मध्यपूर्वी देशों द्वारा इजरायल की मान्यता का उल्लेख करते हुए, खान ने कहा कि पाकिस्तान का दृष्टिकोण मुहम्मद अली जिन्ना की सोच से ही मेल खाता है। खान ने कहा, राष्ट्र के संस्थापक मुहम्मद अली जिन्ना एक प्रतिभाशाली व्यक्ति थे, जिन्होंने 1940 के दशक में फिलिस्तीनी स्थिति के बारे में बात की थी, जो मानवाधिकारों के भारी उल्लंघन के रूप में था। पाकिस्तान अभी भी इस दृष्टिकोण को बनाए रखता है। जब तक कि एक न्यायपूर्ण समझौता नहीं होता है, हम इजरायल को मान्यता नहीं दे सकते।

चीन के लिए पाकिस्तान के विस्तारित समर्थन को दोहराते हुए, खान ने कहा कि वह पिछले चार दशकों में उसकी उपलब्धियों के कारण चीन की प्रशंसा करते हैं। उन्होंने कहा, मैं चीन की प्रशंसा करता हूं, क्योंकि उसने 40 साल की छोटी अवधि में 70 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकाला है। यह वह मॉडल है, जिसका मैं पाकिस्तान में अनुकरण करना चाहता हूं। भारत और अमेरिकी की बढ़ती नजदीकियां पाकिस्तान को कभी रास नहीं आई हैं। हाल ही में अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो के भारत दौरे से तिलमिलाए पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान ने अमेरिका को इशारों-इशारों में कश्मीर मसले पर निष्पक्ष व्यवहार करने की सलाह दी है। भारत-अमेरिकी की दोस्ती से पाकिस्तान को ऐसी मिर्ची लगी कि उसने खुद आतंक के पनाहगार होते हुए भारत को पड़ोसी देशों के लिए खतरा बताया है। इससे पाकिस्तान और उसके प्रधानमंत्री की बौखलाहट साफतौर पर देखी जा सकती है।

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