
इस्लामाबाद। आतंकवादियों का पनाह देने वाले पाकिस्तान में अगले दिनों में आटे की भारी किल्लत पैदा हो सकती है। इसका कारण यह है कि पर्याप्त गेहूं का आयात नहीं हो पा रहा है। प्रधानमंत्री इमरान खान ने गेहूं के आयात में देरी के लिए संबंधित अधिकारियों को फटकार लगाई। पाकिस्तान के कई इलाकों में इन दिनों आटे की भारी किल्लत भी हो गई है। वहां आटा 60 रुपए प्रति किलोग्राम तक हो गया है।
पाक मीडिया के अनुसार कैबिनेट की बैठक की अध्यक्षता करते हुए प्रधानमंत्री इमरान खान ने कहा कि अगर इस साल जुलाई में कम से कम 1.5 टन गेहूं का आयात किया गया होता तो स्थिति औसत हो सकती थी। बैठक में शामिल एक व्यक्ति ने नाम नहीं सार्वजिनक करने की शर्त पर बताया कि प्रधानमंत्री ने इसे प्रशासनिक विफलता करार दिया है। प्रधानमंत्री ने कहा मैंने संकट को दूर कर लिया था और अप्रैल में गेहूं के आयात का आदेश दिया था, लेकिन इसका पालन नहीं किया गया। वे इस बात से सहमत थे कि नौकरशाही ने राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो (एनएबी) के डर से गेहूं के आयात पर निर्णय नहीं लिया, बल्कि यह भी स्वीकार किया कि यह जिम्मेदारी अंततः सरकार पर आ गई।
एक अन्य सूत्र ने कहा प्रधानमंत्री के सलाहकार (वित्त) डॉ. हफीज शेख ने भी शिकायत की थी कि नौकरशाही फाइलों पर हस्ताक्षर नहीं कर रही है, क्योंकि एनएबी से डर गई थी। प्रधानमंत्री इमरान खान ने कहा इस साल अप्रत्याशित बारिश के कारण फसल की कम पैदावार हुई है, जिसकी वजह से बाजार में कमी आ गई है और कीमत में वृद्धि हुई है। पंजाब सरकार हर दिन 17,000 से 20,000 टन गेहूं जारी कर रही है और मांग के अनुसार कमोडिटी के स्टोरों में भी आपूर्ति की जा रही है। सिंध सरकार ने चालू माह में मिलों को 85,000 टन गेहूं जारी किया है।
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