
भोपाल, 22 दिसंबर, न्यूज़ मंच, मुख्यमंत्री कमलनाथ के मंत्रिमंडल में पहली बार में 20 मंत्री शपथ ले सकते हैं। कमलनाथ मंत्रिमंडल के ये सदस्य 24 या 25 दिसंबर को शपथ ले सकते हैं। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और अन्य वरिष्ठ कांग्रेसियों से चर्चा के लिए राज्य के नवनियुक्त मुख्यमंत्री कमलनाथ गुरूवार रात ही तीन दिन के लिए दिल्ली चले गए थे। शुक्रवार शाम कमलनाथ ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाकात की और संभावित मंत्रियों की सूची एवं नए प्रदेश अध्यक्ष को लेकर बातचीत की। सूत्रों के अनुसार राहुल गांधी ने दिग्विजय सिंह एवं ज्योतिरादित्य सिंधिया सहित अन्य प्रमुख नेताओं से चर्चा कर सूची तैयार करने की सलाह दी है।
राहुल के पास अनुमोदन के लिए जाएगी सूची
अभी तक मंत्रिमंडल को लेकर कोई फाॅर्मूला नहीं बन पाया है। एक राय नहीं बनने के चलते शनिवार को कमलनाथ फिर राहुल एवं ज्योतिरादित्य सिंधिया से मुलाकात करेंगे। इसके बाद सूची राहुल गांधी के पास अनुमोदन के लिए जाएगी और नाम तय होने के बाद कमलनाथ भोपाल लौटेंगे| हालांकि, इसे लेकर अब । लिहाजा, दो दिन और मंत्रिमंडल को लेकर विचार-विमर्श का सिलसिला जारी रहेगा और तब फॉर्मूला तय हो जाने की उम्मीद है। विधानसभा अध्यक्ष के लिए एनपी प्रजापति का नाम सबसे ऊपर बताया जा रहा है।
सिंधिया समर्थक विधायकों की संख्या ज्यादा हो सकती हैं
पार्टी सूत्र बताते हैं कि कमलनाथ के मुख्यमंत्री बनने के बाद उनके मंत्रिमंडल में सिंधिया समर्थक विधायकों की संख्या ज्यादा हो सकती हैं। इसको लेकर सिंधिया ने पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी से चर्चा भी की है। हालांकि,जो सीनियर हैं और दो बार से ज्यादा जीते विधायकों को तरजीह मिलेगी, यह तय है।
गुरूवार रात सबसे पहले पटेल से मिले
कमलनाथ गुरुवार की रात ही दिल्ली पहुंच गए थे। उन्होंने दिल्ली में रात में ही सोनिया गांधी के राजनीतिक सलाहकार अहमद पटेल से मुलाकात की थी। इसके बाद शुक्रवार को उन्होंने मुख्यमंत्री चयन के लिए नियुक्त केंद्रीय पर्यवेक्षक एके एंटनी से मुलाकात कर संभावित मंत्रिमंडल के बारे में चर्चा की। उन्होंने दिग्विजय सिंह, ज्योतिरादित्य सिंधिया, अरुण यादव के साथ पार्टी के प्रदेश प्रभारी दीपक बाबरिया से भी इस सिलसिले में विस्तार से चर्चा की।
कहा मंत्रिमंडल को लेकर कोई जल्दबाजी नहीं
कमलनाथ ने पत्रकारों से बातचीत में कहा मंत्रिमंडल को लेकर उन्हें कोई जल्दी नहीं है। अभी उनके पास तीन-चार दिन का समय है। उन्होंने कहा 25 दिसंबर तक नए मंत्रियों को शपथ दिला दी जाएगी। राज्यपाल की उपलब्धता को ध्यान में रखकर कार्यक्रम बना लिया जाएगा। राज्यपाल को 25 दिसंबर की शाम अवकाश पर जाना है। इसलिए माना जा रहा है कि 24-25 दिसंबर में से किसी एक दिन मंत्रियों की शपथ दिलाई जाएगी।
सिंधिया बनाए जा सकते हैं प्रदेश अध्यक्ष
मुख्यमंत्री कमलनाथ दिल्ली में पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी और अन्य प्रमुख नेताओं से राज्य के नए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं विधानसभा अध्यक्ष के बारे में भी उनकी राय ले रहे हैं। मध्यप्रदेश की राज्य इकाई की जिम्मेदारी फिलहाल कमलनाथ पर है, अब मुख्यमंत्री बनने के बाद वह प्रदेश अध्यक्ष का पद छोड़ने के इच्छुक हैं, जबकि एक राय यह भी है कि लोकसभा चुनाव तक वे ही प्रदेश अध्यक्ष बने रहेंगे। दूसरी तरफ, सिंधिया भी इस पद को लेकर दिलचस्पी दिखा रहे हैं। उनके समर्थक दिल्ली और भोपाल में इस मुद्दे पर प्रदर्शन कर रहे हैं। पार्टी सूत्रों के अनुसार सिंधिया मुख्यमंत्री पद के प्रबल दावेदार थे। केंद्रीय नेतृत्व भी उनके नाम पर सहमत था। लेकिन उनका नाम आगे करते ही गुटबाजी न शुरू हो जाए, इसे लिए मुख्यमंत्री के पद पर कमलनाथ की ताजपोशी की गई। अब नेतृत्व ज्योतिरदित्य सिंधिया को संतुष्ट करने के लिए उन्हें पार्टी का अध्यक्ष बनाया जा सकता है।
इन 20 विधायकों को मिल सकती है जगह
पहले चरण में मंत्रिमंडल में जिन मंत्रियों को स्थान दिया जा सकता है उनमें सज्जन सिंह वर्मा, बाला बच्चन, दीपक सक्सेना, डॉ. गोविंद सिंह, केपी सिंह, गोविंद सिंह राजपूत, इमरती देवी, लाखन सिंह, बृजेंद्र सिंह राठौर, तुलसी सिलावट, जीतू पटवारी, ओंकार सिंह मरकाम, कलावती भूरिया, लक्ष्मण सिंह, विजयलक्ष्मी साधौ, प्रभुराम चौधरी, सचिन यादव, आरिफ अकील, प्रदीप जायसवाल एवं हुकुम सिंह कराड़ा शामिल हैं। इन 20 विधायकों में जीतू पटवारी, सचिन यादव, कलावती भूरिया, प्रदीप जायसवाल को राज्यमंत्री एवं शेष को कैबिनेट मंत्री बनाया जा सकता है।
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