
नई दिल्ली, 21 दिसंबर, न्यूज़ मंच, मध्य्रदेश के नवनियुक्त मुख्यमंत्री कमलनाथ गुरुवार की रात दिल्ली पहुंच गए हैं। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार शुक्रवार को वहां वे राहुल गांधी के अलावा कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात कर मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने वाले नामों पर चर्चा करेंगे। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह एवं ज्योतिरादित्य सिंधिया के अलावा अरुण यादव, अजय सिंह भी दिल्ली पहुंचे हैं। इन नेताओं के अलावा कमलनाथ एके एंटनी एवं प्रदेश प्रभारी दीपक बाबरिया से भी मंत्रिमंडल को लेकर चर्चा करेंगे। कमलनाथ मंत्रियों के नाम तय कर सूची पार्टी हाईकमान को सौंपेंगे और वहां से मुहर लगने के बाद मंत्रियों का शपथ समारोह होगा। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल चूंकि 24 दिसंबर से मासांत तक के लिए अवकाश पर जा रही हैं, इसलिए मंत्रियों को 24 दिसंबर को शपथ दिलाई जा सकती है। शपथ समारोह 24 दिसंबर की दोपहर डेढ़ बजे हो सकता है।
आनंद विभाग बंद करने का निर्देश दिया
कमलनाथ मुख्यमंत्री की शपथ लेने के बाद से ही एक्शन मोड में हैं। गुरुवार को उन्होंने फिजूलखर्ची रोकने की दिशा में कदम उठाते हुए पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा शुरू किए गए आनंद विभाग को बंद करने के निर्देश दिए। इसके अलावा उन्होंने भ्रष्टाचार के आरोपों की वजह से ई-टेंडरिंग पोर्टल को भी बंद करने के निर्देश दिए। ई-टेंडरिंग घोटाला कांग्रेस का चुनाव में मुख्य मुद्दा रहा है। सरकार इसकी जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी में है।
दिल्ली जाने से पहले राज्यपाल से मिले
मुख्यमंत्री कमलनाथ ने दिल्ली रवाना होने से पहले गुरुवार की शाम 6 बजे राजभवन पहुंचकर राज्यपाल आनंदीबेन पटेल से मुलाकात की। राज्यपाल से उनकी मंत्रियों के शपथ एवं विधानसभा के शीतकालीन सत्र को लेकर चर्चा हुई। राजभवन से निकलने के बाद कमलनाथ ने मीडिया से बातचीत में कहा कि विधानसभा का शीतकालीन सत्र 7 जनवरी से होगा। इस सत्र में निर्वाचित विधायकों को प्रोटेम स्पीकर द्वारा शपथ दिलाई जाएगी। सत्र में विधानसभा अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष का चुनाव होगा। कमलनाथ ने मंत्रियों के शपथ के बारे में सस्पेंस बरकरार रखा और इससे संबंधित सवाल को टाल दिया।
दिल्ली जाने से पहले ही कमलनाथ ने यह स्पष्ट कर दिया था कि जो विधायक पहली बार जीतकर आये हैं, उन्हें मंत्री नहीं बनाया जाएगा। सपा-बसपा के विधायकों को मंत्रिमंडल में रखने को लेकर वे बोले कि, इन दलों ने समर्थन के लिए कोई शर्त नहीं रखी थी, इसलिए उनके विधायकों को मंत्रिमंडल में रखें या नहीं, इस पर फैसला उन दलों के नेता ही लेंगे।
वह शुक्रवार को नामों की सूची कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी को देंगे। फिर राहुल इन पर अंतिम मुहर लगाएंगे।
छिंदवाड़ा में मनाएंगे नया साल
मुख्यमंत्री कमलनाथ 22 दिसंबर को दिल्ली से भोपाल लौटेंगे और मंत्रियों की शपथ कार्यक्रम के बाद भोपाल में रहेंगे। वे 30 दिसंबर को तीन दिन के लिए छिंदवाड़ा प्रवास पर चले जाएंगे। कमलनाथ नया साल छिंदवाड़ा में ही मनाएंगे। वहां वे 1 जनवरी तक रहेंगे। मुख्यमंत्री बनने के बाद वे अपने गृह क्षेत्र नहीं गए हैं। इसलिए तीन दिन के लिए जा रहे हैं। इस दौरान छिंदवाड़ा में उनके भव्य स्वागत की तैयारी की जा रही है।
पहली बार चुनाव जीते विधायक नहीं बनेंगे मंत्री
मुख्यमंत्री कमलनाथ ने तय किया है कि विधानसभा का पहली बार चुनाव जीते विधायकों को मंत्री नहीं बनाया जाएगा। मंत्रिमंडल में वरिष्ठ एवं अनुभवी विधायकों को ही जगह मिलेगी। राज्यपाल से मिलने के बाद पत्रकारों के सवाल के जवाब में उन्होंने यह जानकारी दी। ऐसा इसिलए भी किया जा रहा है ताकि लोकसभा चुनाव तक सरकार अनुभवी टीम के साथ काम करती दिखाई पड़े। कांग्रेस के बड़े नेताओं से भी मंत्री पद के लिए वरिष्ठ विधायकों के नाम मांगे गए हैं।
कमलनाथ ने शुरू किया सीएम दरबार
कमलनाथ ने आम लोगों की समस्याओं के समाधान के उद्देश्य से सीएम दरबार प्रारंभ किया है। वे हर रोज अपने निवास में लोगों से मिलेंगे। उनकी तकलीफ एवं समस्या सुनेंगे और उनका समाधान करने की कोशिश करेंगे। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह अपने पूरे कार्यकाल में लोगों से मिलते थे। भाजपा की सरकार आने के बाद तत्कालीन सीएम उमा भारती ने भी इसकी शुरुआत की थी लेकिन बाद में यह सिलसिला बंद हो गया था। कमलनाथ ने इसे शुरू करने का निर्णय लिया है। सीएम दरबार बुधवार से शुरू हो चुका है।
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