
भोपाल,18 दिसंबर,न्यूज़ मंच, कमलनाथ ने मध्य प्रदेश के मुख्य मंत्री बनते ही अपना वादा पूरा कर, मध्य प्रदेश के किसानो का दिल जीत लिया। प्रदेश की जनता का उनके इस कदम से कांग्रेस में विश्वास दृढ़ हुआ है।
कमलनाथ ने शपथ लेने से पहले ही कहा कि था कि वे 10 दिनों से पहले ही किसानों का कर्ज माफ करेंगे। कांग्रेस ने अपने चुनावी घोषणापत्र में ही 2 लाख रुपये तक के कर्जमाफी की घोषणा की थी, जिसे सरकार गठन के तुरंत बाद ही बाद अमल में लाया गया।
2 लाख रुपये तक के कर्जमाफी की घोषणा
शपथग्रह के कुछ ही घंटे बाद मध्यप्रदेश सरकार की तरफ से जारी विज्ञप्ति में कहा गया, 'मध्यप्रदेश शासन एतद् द्वारा निर्णय लिया जाता है कि मध्यप्रदेश राज्य में स्थित राष्ट्रीयकृत तथा सहकारी बैंकों में अल्पकालीन फसल ऋण के रूप में शासन द्वारा पात्रता अनुसार पाए गए किसानों के 2 लाख रुपये की सीमा तक का दिनांक 31 मार्च, 2018 की स्थित में बकाया फसल ऋण माफ किया जाता है।
कमलनाथ ने सोमवार को मध्यप्रदेश के 18वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण की। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कमलनाथ को पद और गोपनियता की शपथ दिलाई। शपथ लेने के घंटे भर के भीतर ही अपने वादे के अनुसार मध्यप्रदेश के नवनिर्वाचित मुख्यमंत्री कमलनाथ ने राजधानी भोपाल में किसानों के कर्ज़ माफ करने हेतु दस्तावेजों पर दस्तखत कर दिए।
बता दें कि इस घोषणा के अंतर्गत, जून 2009 के बाद के कर्जदार किसानों की क़र्ज़ माफ़ी होगी। जिसकी वजह से लगभग 33 लाख किसानों को फायदा पहुंचेगा।
20 हजार करोड़ रुपये का वित्तीय भार आएगा
प्रदेश के किसानों पर सहकारी बैंक, राष्ट्रीयकृत बैंक, ग्रामीण विकास बैंक और निजी बैंकों का 70 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का कर्ज है। इसमें 56 हजार करोड़ रुपये का कर्ज 41 लाख किसानों ने लिया है। वहीं, लगभग 15 हजार करोड़ रुपये NPA है। कर्ज माफी के लिए फिलहाल जिस फॉर्मूले पर मंथन हो रहा है, उसमें NPA को माफ करने के साथ नियमित कर्ज पर लगभग 25 हजार रुपये प्रोत्साहन दिया जाएगा।
सूत्रों के अनुसार, इसकी वजह से सरकार पर लगभग 20 हजार करोड़ रुपये का वित्तीय भार आएगा।
इसके अलावा मध्यप्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत मिलने वाली अनुदान राशि बढ़ाकर 51000 रुपये कर दी है।
राहुल गांधी ने भी किया
ट्वीट मध्यप्रदेश सरकार की तरफ से किसानों की कर्जमाफी की घोषणा के बाद कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी ट्वीट किया. उन्होंने ट्वीट किया, 'मध्यप्रदेश के सीएम ने किसानों का कर्ज माफ किया. '
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री ने किसानों का कर्ज माफ कर दिया है|
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) December 17, 2018
अब राजस्थान और छत्तीसगढ़ की बारी है| pic.twitter.com/jwDJoLShbp
28 नवंबर को मतदान, 11 दिसंबर को आए चुनाव परिणाम
बता दें कि मध्यप्रदेश विधानसभा के लिए 28 नवंबर को मतदान हुआ था और 11 दिसंबर को आए चुनाव परिणाम में प्रदेश की कुल 230 विधानसभा सीटों में से कांग्रेस को 114 सीटें मिलीं और बीजेपी को 109 सीटें मिलीं। साधारण बहुमत के लिए 116 सीट की आवश्यकता थी, जिसे बसपा के दो, सपा के एक और चार अन्य निर्दलीय विधायकों ने कांग्रेस को समर्थन देकर कुल 121 पर पहुंचा दिया था।
मध्य प्रदेश के 18वें मुख्य मंत्री पद के लिए कमलनाथ ने सोमवार को शपथ ग्रहण की। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कमलनाथ को पद और गोपनियता की शपथ दिलाई। कमलनाथ के शपथ ग्रहण समारोह में पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी, यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी के अलावा पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, एचडी देवगौड़ा, शरद यादव, राकांपा के शरद पवार, चंद्रबाबू नायडू भी मौजूद थे। शपथ ग्रहण समारोह जम्बूरी मैदान में हुआ.
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