• Last Update 05:37 am

कमलनाथ एक्शन मोड में - मप्र में पुलिस वालों को दिया जाएगा साप्ताहिक अवकाश
Politics

कमलनाथ एक्शन मोड में - मप्र में पुलिस वालों को दिया जाएगा साप्ताहिक अवकाश

भोपाल, 19 दिसंबर, न्यूज़ मंच, मुख्यमंत्री बनते ही कमलनाथ एक्शन मोड में आ गए हैं, उन्होंने शपथ लेने के कुछ देरे बाद ही राज्य के किसानों की कर्जमाफी से जुड़ी फाइल पर हस्ताक्षर किए, किसानों की कर्जमाफी कांग्रेस का प्रमुख चुनावी वायदा था, इससे साथ ही उन्होंने राज्य के पुलिस जवानों से भी साप्ताहिक अवकाश दिलाने का वायदा किया था, अपने इस चुनावी वायदे को पूरा करने से जुड़ी तैयारियां करने को अधिकारियों को निर्देश दिए हैं।

सीएम कमलनाथ ने लगातार तीसरे दिन बड़े फैसले किए। इनमें सबसे बड़ा फैसला पुलिसवालों को साप्ताहिक अवकाश का है। अगले साल से सरकार इस फैसले को लागू कर देगी। बुधवार को लगभग डेढ़ बजे पुलिस मुख्यालय पहुंचे कमलनाथ ने इसका ऐलान किया। पुलिस विभाग साप्ताहिक अवकाश कैसे दिए जाएंगे, इसका रोस्टर तैयार करेगा। उल्लेखनीय है कि चर्चा के बाद शिवराज सरकार इस सिस्टम को लागू नहीं कर पाई थी।

कांग्रेस ने इसे अपने वचन पत्र में शामिल किया था। इस फैसले से मप्र के 34 हजार पुलिस बल को एक नया हौसला और स्फूर्ति मिलेगी। पुलिस कर्मियों की पत्नियों ने इस साल यह मांग उठाते हुए भोपाल सहित कई स्थानों में प्रदर्शन भी किये थे। कांग्रेस ने विधानसभा के अपने ‘वचन पत्र’ में पुलिस कर्मियों को सप्ताह में एक दिन का अनिवार्य अवकाश देने की घोषणा की थी।  मध्यप्रदेश जनसंपर्क विभाग द्वारा जारी एक विज्ञप्ति में कहा गया है, ‘‘मुख्यमंत्री कमलनाथ ने बुधवार को यहां पुलिस मुख्यालय में अधिकारियों से चर्चा की और पुलिस बल के लिये साप्ताहिक अवकाश की व्यवस्था करने के निर्देश दिये।’’ उन्होंने कहा कि पुलिस बल के लिये आपात परिस्थितियों में अवकाश उपयोग नहीं करने पर क्षतिपूर्ति की व्यवस्था हो।

डीजीपी शुक्ला ने दिया प्रेजेंटेशन 

मुख्यमंत्री कमलनाथ मुख्यालय के नवीन सभागार  में पहुंचे। यहां जेल, अभियोजन, साइबर, एसटीएफ, एटीएस, सीआईडी, होमगार्ड समेत अन्य प्रमुख विंग के अफसर मौजूद थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि ट्रैफिक इंफोर्समेंट से ही केवल काम नहीं चलेगा। इसमें इंजीनियरिंग को भी जोड़ा जाना जरूरी हैं। बैठक में मप्र पुलिस की उपलब्धियों के साथ डीजीपी ऋषि कुमार शुक्ला ने अपना प्रजेंटेशन दिया। मुख्यमंत्री कहा कि हमारी पुलिस फोर्स मॉडल नजर आएगी वहीं उसके फैसलों पर किसी तरह का राजनीतिक हस्तक्षेप नहीं होगा। उन्होंने बैठक के दौरान महिला सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि गूगल में बलात्कार लिखते ही सबसे पहले मध्यप्रदेश का नाम सामने आता है। यह बेहद शर्मनाक हैं। इस स्थिति को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।

चेहरे नहीं काम की क्वालिटी चाहिए

परिचय बैच के साथ बताएं और साथ में यह भी बताएं कि कौन कब से किस शाखा में पदस्थ है? बैठक समाप्त होने के बाद उन्होंने कहा मुझे मालूम हुआ है कि कई अफसर एक ही जगह पर पांच से सात साल से जमे हैं। ऐसा नहीं होना चाहिए। मुझे चेहरे नहीं काम में क्वालिटी चाहिए, जिसके लिए मैंने डीजीपी से चर्चा की है। उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग के फैसले उसके होने चाहिए। मैं राजनीतिक हस्तक्षेप के हमेशा खिलाफ रहा हूं। 

भी निगमों, प्राधिकरणों की नियुक्तियां रद्द कीं

मुख्यमंत्री कमलनाथ ने बुधवार को सभी निगमों, मंडलों, प्राधिकरणों, समितियों, परिषदों एवं अन्य संस्थाओं में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, संचालक, सदस्यों की नियुक्ति को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया। उनके निर्णय के तत्काल बाद आदेश जारी कर दिया गया। सभी अपर मुख्य सचिवों, प्रमुख सचिवों व सचिवों से इस आदेश का पालन कराने को कहा गया है। बुधवार को मुख्यमंत्री ने इसकी रिपोर्ट तलब की थी। 

राहुल से चर्चा के लिए आज दिल्ली रवाना होंगे सीएम

मुख्यमंत्री कमलनाथ गुरुवार 20 दिसंबर को दिल्ली जाएंगे और 22 दिसंबर तक वहां रहकर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से चर्चा कर मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने वाले सदस्यों के नाम फाइनल करेंगे। कमलनाथ मंत्रिमंडल सदस्यों के नाम तय कर कांग्रेस हाईकमान की मुहर लगवाने का प्रयास करेंगे। मंत्रियों को 24-25 दिसंबर को शपथ दिलाए जाने की संभावना है। 26 दिसंबर को मंत्रिमंडल की बैठक प्रस्तावित है।

You can share this post!


Leave Comments