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मध्य प्रदेश के बाद आयी छत्तीसगढ़ की बारी, बघेल ने भी किसानो को दिया क़र्ज़ माफ़ी का तोहफा
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मध्य प्रदेश के बाद आयी छत्तीसगढ़ की बारी, बघेल ने भी किसानो को दिया क़र्ज़ माफ़ी का तोहफा

रायपुर, 18 दिसंबर, न्यूज़ मंच, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में कांग्रेस की सरकार आने के बाद जैसे ही तीनो राज्यों के मुख्य मंत्रियों ने शपथ ग्रहण की, वैसे ही वादे पूरे करने की तरफ एक कदम बड़ा।  मुख्य मंत्री पद की शपथ लेने के घंटे भर के भीतर ही सबसे पहले मध्यप्रदेश के मुख्य मंत्री, कमलनाथ ने किसानो की कर्ज़ा माफ़ी की घोषणा की। उसी के बाद छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कर्जमाफी की घोषणा कर दी।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने टीएन सिंह देव और ताम्रध्वज साहू के साथ मंत्रालय में पहली कैबिनेट बैठक की। नवगठित सरकार की पहली कैबिनेट मीटिंग के तीन बड़े फैसले सामने आये -

1. 16 लाख 65 हजार से अधिक किसानों का 6100 करोड़ रूपये का कर्जा माफ.
2. धान का समर्थन मूल्य 2500 रूपये प्रति क्विंटल किया गया.
3. झीरम हमले के शहीदों को न्याय दिलाने के लिए SIT का किया गठन.

इसके अलावा यह भी कहा गया था कि सरकार बनने के 10 दिन के भीतर इन फैसलों को लागू किया जाएगा। 

बघेल ने पत्रकारों को बताया कि 30 नवंबर 2018 की स्थिति के अनुसार सहकारी बैंक व छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक में कृषकों के अल्पकालीन ऋण को माफ कर दिया गया. इससे 16 लाख 65 हजार से ज्यादा किसानों का 6100 करोड़ रुपये से अधिक का कर्ज माफ होगा. उन्होंने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने वायदा किया था कि सरकार बनने के 10 दिन के अंदर किसानों के कर्ज को माफ किया जाएगा.

भूपेश बघेल कांग्रेस के एक दिग्गज नेता हैं, जिन्होंने वर्ष 2013 में छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के बाद कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष का पद संभाला था और पांच वर्ष तक वह लगातार मेहनत करते रहे। छत्तीसगढ़ राज्य में पार्टी की नीव को इतना मजबूत किया, की यहाँ बीजेपी का सूपड़ा साफ़ हो गया और कांग्रेस ने विजय का झंडा फेहराया। भूपेश बघेल की कड़ी म्हणत ने 15 वर्षों से सत्तारूढ़ रही भाजपा को सत्ता से हटाया, और कांग्रेस को 68 सीटों पर जीत दिलाने बहुत बड़ी भूमिका निभाई। 57 वर्षीय भूपेश बघेल अन्य पिछड़ा वर्ग के कुर्मी समाज से आते हैं जो राज्य की राजनीति में काफी अहम् स्थान रखते हैं। 

इससे पहले राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने रायपुर के बलबीर जुनेजा इंडोर स्टेडियम में भूपेश बघेल को मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई। बघेल के साथ उनके सहयोगी ताम्रध्वज साहू और टीएस सिंहदेव ने भी मंत्री पद की शपथ ली। सिंह देव विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रहे हैं। वह अंबिकापुर से विधायक हैं। वहीं ताम्रध्वज साहू पिछड़ा वर्ग के वरिष्ठ नेता हैं एवं दुर्ग ग्रामीण सीट से विधायक हैं।  साहू दुर्ग लोकसभा सीट से कांग्रेस के सांसद भी हैं। 

शपथ ग्रहण समारोह में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, लोकसभा में कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे, पुडुचेरी के मुख्यमंत्री नारायण सामी, राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया, वरिष्ठ नेता शरद यादव, नेशनल कांफ्रेंस अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मोतीलाल वोरा, छत्तीसगढ़ के निवर्तमान मुख्यमंत्री रमन सिंह, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता, कांग्रेस के विधायक, राज्य के वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में नागरिक मौजूद थे.

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