
जम्मू-कश्मीर। केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने एक बेहद अहम फैसला लिया है। अब जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में कोई भी जमीन खरीद सकता है। इसे लेकर गृह मंत्रालय ने मंगलवार को एक नोटिफिकेशन जारी किया। हालांकि खेती की जमीन खरीदने पर अभी रोक जारी रहेगी। जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम के तहत यह फैसला लिया गया है। ये आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है।
अनुच्छेद 35ए के हटने के बाद ये संभव हो पाया है। ये अनुच्छेद जम्मू-कश्मीर के नागरिकों को विशेष अधिकार देता था। इस के चलते देश के किसी अन्य हिस्से में रहने वाला व्यक्ति यहां जमीन नहीं खरीद सकता था। यहां तक कि जम्मू-कश्मीर की लड़की यदि अन्य राज्य के किसी लड़के से शादी करती थी तो उसका अपनी पैतृक संपत्ति से अधिकार खत्म हो जाता था।
गृह मंत्रालय की ओर से जारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि इस आदेश को यूनियन टेरिटरी ऑफ जम्मू एंड कश्मीर रिऑर्गनाइजेशन (एडॉप्शन ऑफ सेंट्रल लॉज) थर्ड ऑर्डर, 2020 के नाम से जाना जाएगा। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा, हम चाहते हैं कि बाहर की इंडस्ट्री जम्मू-कश्मीर में लगें, इसलिए इंडस्ट्रियल लैंड में इन्वेस्टमेंट की जरूरत है। लेकिन खेती की जमीन सिर्फ राज्य के लोगों के लिए ही रहेगी।
बता दें कि पिछले साल जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले आर्टिकल 370 और 35ओ के प्रावधानों को खत्म किया था। उसके बाद 31 अक्टूबर 2019 को जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश बन गया था। अब केंद्र शासित प्रदेश होने के एक साल पूरे होने पर जमीन के कानून में बदलाव किया गया है।
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