
प्रयागराज, 15 जनवरी, न्यूज़ मंच, तीर्थराज प्रयाग में 49 दिन तक चलने वाले कुंभ की शुरुआत हो गई है। यहां त्रिवेणी के किनारे कुम्भ लगा है। प्रयागराज में कुम्भ का सबसे ज्यादा महत्व माना जाता है, क्योंकि यहां गंंगा, यमुना और सरस्वती तीनों का संगम होता है।लिहाज़ा कुम्भ के दौरान यहां डुबकी का महत्व और भी बढ़ जाता है।
मंगलवार,15 जनवरी को मकरसंक्रांति का पहला दिन है। मंगलवार को पहला शाही स्नान सुबह 5.30 बजे शुरू हुआ, जो की शाम 4.30 बजे तक चलेगा।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, बेहद ठन्डे पानी की वजह से करीब 2 दर्जन श्रद्धालु स्नान के दौरान बेहोश हो गए। पहले दिन शाही स्नान के मौके पर हेलिकॉप्टर से फूलों की बारिश भी की गई। डीएम विजयकिरण आनंद ने बताया कि सुबह 9 बजे तक 50 लाख लोगों ने स्नान कर लिया था।
2019 कुंभ मेले में स्नान करने के शुभ दिन इस प्रकार हैं :
15 जनवरी (मकर संक्रांति),
21 जनवरी (पौष पूर्णिमा),
4 फरवरी (मौनी अमावस्या),
10 फरवरी (बसंत पंचमी),
19 फरवरी (माघी पूर्णिमा)
4 मार्च हैं
4 मार्च को महाशिवरात्रि के मौके पर अंतिम स्नान का कार्यक्रम होगा।
इस बार कुम्भ में 8 शाही स्नान हैं। शाही स्नान पर खास मान्यता होती है। इसमें तय मुहूर्त के दौरान सबसे पहले अखाड़ों के साधु संत बारी-बारी से स्नान करते हैं। और इनके स्नान के बाद ही आम लोग स्नान कर पाते हैं। कुंभ मेला में 13 अखाड़े हैं। इनमें 7 शैवा तथा तीन-तीन वैष्णवा और उदासीन अखाड़े हैं। हर अखाड़े को स्नान के लिए 40 मिनट का समय दिया गया है।
13 अखाड़ों के नाम इस प्रकार हैं :
श्री पंचायती अखाड़ा महानिर्वाणी, (शैव)
श्री पंचायती अटल अखाड़ा, (शैव)
श्री पंचायती निरंजनी अखाड़ा, (शैव)
श्री पंचायती आनंद अखाड़ा, (शैव)
श्री पंच दशनाम जूना अखाड़ा, (शैव)
श्री पंच दशनाम आवाहन अखाड़ा, (शैव)
श्री शंभू पंच अग्नि अखाड़ा, (शैव)
श्री पंच निर्मोही अनि अखाड़ा, (वैष्णव)
श्री पंच दिगंबर अनि अखाड़ा, (वैष्णव)
श्री पंच निर्वाणी अनि अखाड़ा, (वैष्णव)
श्री पंचायती अखाड़ा नया उदासीन, (सिक्ख)
श्री पंचायती अखाड़ा बड़ा उदासीन, (सिक्ख)
श्री पंचायती अखाड़ा निर्मल, (सिक्ख)
ईरानी ने संगम में लगाई डुबकी
पहले दिन शाही स्नान में तमाम आम और खास लोगों ने हिस्सा लिया. इस दौरान केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने भी संगम तट पर स्नान किया। स्मृति ने स्नान के दौरान खींची गई फोटो ट्विटर पर भी पोस्ट किया. उन्होंने साथ में कैप्शन लिखा - "हर हर गंगे "
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