
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को नए संसद भवन की आधारशिला रखी। इस दौरान सर्वधर्म प्रार्थना भी की गई, इसमें हिन्दू, सिख, ईसाई, मुस्लिम, बौद्ध, जैन एवं अन्य धर्मों के धर्मगुरु मौजूद रहे, जिन्होंने प्रार्थना की। वैदिक मंत्रोच्चारणों के साथ प्रधानमंत्री ने भूमिपूजन किया। बता दें कि अभी तक जिस संसद भवन में कामकाज हो रहा था, वो अंग्रेजों के जमाने का बनाया हुआ था।
नए संसद भवन को शास्त्री भवन के पास की खाली जमीन पर बनाया जाएगा। नया संसद भवन अगस्त 2022 तक तैयार होगा, सभी आधुनिक सुविधाएं होंगी। नए संसद भवन में लोकसभा का आकार मौजूदा से तीन गुना ज्यादा होगा। राज्यसभा का भी आकार बढ़ेगा। संसद भवन की नींव रखी जाने के कार्यक्रम में कई हस्तियां मौजूद हैं। उद्योगपति रतन टाटा, अमित शाह, राजनाथ सिंह और अन्य कई केंद्रीय मंत्री कार्यक्रम स्थल पर मौजूद हैं।
कुल 971 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला नया संसद भवन अगले सौ साल की जरूरतों को पूरा करेगा। पुराने संसद भवन की तुलना में इसमें ज्यादा कमेटी रूम और पार्टी ऑफिस होंगे।अक्टूबर 2022 तक नए भवन का निर्माण पूरा करने की तैयारी है ताकि देश की आजादी की 75वीं वर्षगांठ पर इसी भवन में सत्र का आयोजन हो। कुल 64,500 वर्गमीटर क्षेत्र में नए संसद भवन का निर्माण टाटा प्रोजेक्ट्स लिमिटेड की ओर से कराया जाएगा। नए संसद भवन की डिजाइन एचसीपी डिजाइन प्लानिंग एंड मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड ने तैयार की है।
Leave Comments