
चेन्नई। स्पेस किड्ज इंडिया की 18 छोटे संचार उपग्रह (कम्युनिकेशन सैटेलाइट) का एक तारामंडल बनाने की योजना है। यह सभी उपग्रह छात्रों द्वारा दो साल की समयसीमा में बनाए जाएंगे। एक शीर्ष अधिकारी ने यह जानकारी दी है। स्पेस किड्स इंडिया की संस्थापक सीईओ श्रीमती केसन ने बताया कि हमारी योजना दो साल में 18 नैनो संचार उपग्रहों का एक तारामंडल बनाने की है। इसमें कुल परिव्यय लगभग पांच करोड़ रुपये का होगा।
स्पेस किड्ज एक ऐसा संगठन है, जो देश के लिए युवा वैज्ञानिकों को तैयार कर रहा है। यह बच्चों में विज्ञान विषय में रूचि बढ़ाने से लेकर उनके बीच जागरूकता भी फैला रहा है। इसरो के अध्यक्ष के. सिवन ने कहा कि वर्ष 2021 में फरवरी के अंत या मार्च की शुरुआत में स्पेस किड्ज-निर्मित संचार उपग्रह को इसरो (भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन) के रॉकेट पोलर सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल-सी 51 (पीएसएलवी-सी 51) के जरिए लॉन्च किया जाएगा।
सिवन ने कहा कि भारतीय रॉकेट वैज्ञानिक की 100वीं जयंती मनाने के लिए उपग्रह को सतीश धवन नाम दिया गया है। उपग्रह का निर्माण 10 छात्रों द्वारा किया जा रहा है और इसका वजन लगभग तीन किलोग्राम होगा। उन्होंने कहा कि 2021 में स्पेस किड्ज टीम की ओर से तैयार किए जाने वाले दो और संचार उपग्रहों को लॉन्च किए जाने की योजना बनाई जा रही है।
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