
नई दिल्ली। कोरोना वैक्सीनेशन के लिए सरकार ने विस्तृत दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। इसमें रोजाना प्रत्येक सत्र में 100 से 200 लोगों का टीकाकरण किया जाएगा। टीकाकरण के बाद 30 मिनट तक लोगों को ऑब्जर्वेशन में रखा जाएगा। लाभार्थियों को ट्रैक करने के लिए कोविड वैक्सीन इंटेलिजेंस नेटवर्क बनाया गया है।
वैक्सीन के आपातकालीन उपयोग की अनुमति मिलते ही टीकाकरण अभियान शुरू हो जाएगा। बता दें कि स्वास्थ्य मंत्रालय ने हाल ही में टीकाकरण के पहले चरण के लिए 30 करोड़ भारतीय आबादी को मार्क किया है। इसमें 1 करोड़ हेल्थकेयर वर्कर्स, 2 करोड़ फ्रंटलाइन वर्कर्स और 27 करोड़ ऐसे आम लोग हैं जो विशेषज्ञ समूह द्वारा तय किए गए प्राथमिकता वाले समूहों में आते हैं।
-12 दिसंबर को जारी किए गए दिशा-निदेशरें के अनुसार, लोक सभा और विधान सभा चुनाव में इस्तेमाल हुई नई सूची का उपयोग 50 वर्ष या उससे अधिक उम्र के लोगों की पहचान करने में किया जाएगा।
-रोजाना प्रत्येक सत्र में लगभग 100 से 200 लोगों को टीका लगाया जाएगा और फिर डोज के कारण कोई प्रतिकूल असर तो नहीं हो रहा, यह देखने के लिए 30 मिनट तक व्यक्ति की निगरानी की जाएगी। हर टीकाकरण टीम पांच सदस्यीय होगी।
-अगर टीकाकरण स्थल पर पर्याप्त जगह है तो एक और टीकाकरण अधिकारी 200 अन्य लाभार्थियों को टीका लगा सकता है।
-टीकाकरण के लिए सूचीबद्ध किए गए लाभार्थियों को ट्रैक करने के लिए कोविड वैक्सीन इंटेलिजेंस नेटवर्क का उपयोग किया जाएगा।
-डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अपना-पंजीकरण के लिए फोटो-पहचान दस्तावेज, जिसमें वोटर आईडी, आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पासपोर्ट और पेंशन दस्तावेज आवश्यक होंगे।
-टीकाकरण स्थल पर पहले से पंजीकृत हुए लाभार्थियों को ही निर्धारित प्राथमिकता के अनुसार टीका लगाया जायेगा।
-अलग-अलग वैक्सीन का मिश्रण न हो इसलिए जिले में एक ही प्रकार का वैक्सीन या टीका आवंटित करने के लिए कहा गया है। साथ ही कहा गया है, टीके ले जाने वाली शीशियों या आइस पैक सीधे सूर्य के प्रकाश में न आएं, इसके लिए जरूरी उपाय करने के लिए कहा गया है।
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