
नई दिल्ली। एलोन मस्क कंपनी SpaceX के स्टारशिप प्रोटोटाइप में लैंडिंग के दौरान ब्लास्ट हो गया। हालांकि रॉकेट में ब्लास्ट के बावजूद एलोन मस्क आत्मविश्वास से भरे हुए हैं। उन्होंने अपने बयान में कहा कि स्पेस एक्स ने इस टेस्ट से जितना डाटा इकट्ठा करना था, वो हो चुका है। ये प्रयोग सफल रहा है। मस्क का मानना है कि अगले चार से छह सालों के अंदर इंसान इस रॉकेट के सहारे मंगल ग्रह पर पहुंच सकता है।
बता दें कि इस लेटेस्ट प्रोटोटाइप रॉकेट में तीन इंजन थे। इसने अमेरिका के टैक्सास से शाम को उड़ान भरी थी। 13 किलोमीटर जाने के बाद ये वापस धरती पर आने लगा और टेल फर्स्ट लैंडिंग के दौरान ये रॉकेट फट गया। इस रॉकेट के जरिए एलोन मस्क इंसानों को मंगल ग्रह और चांद पर ले जाना चाहते हैं। इसके अलावा 100 टन कार्गो को भी इस रॉकेट के सहारे मंगल और चांद पर ले जाने की तैयारी है।
बता दें कि टेक्सास के बोका चीका में कंपनी की रॉकेट फैसिलिटी से इसका टेस्ट लॉन्च किया गया था। स्पेसएक्स के तीन नव विकसित रैप्टर इंजनों से लैस रॉकेट को 41,000 फीट (12,500 मीटर) की ऊंचाई तक पहुंचना था। हालांकि स्पेसएक्स ने यह स्पष्ट नहीं किया कि क्या रॉकेट इतनी ऊंची उड़ान भर सका या नहीं। टेस्ट के लाइव वीडियो में देखा जा सकता है कि सेल्फ-गाइडेड रॉकेट आग के गोले में तब्दील होने से पहले उम्मीद से कहीं ज्यादा तेजी से लैंडिंग कर रहा था।
Starship landing flip maneuver pic.twitter.com/QuD9HwZ9CX
— SpaceX (@SpaceX) December 10, 2020
Leave Comments