
कोलकाता। पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक लड़ाई हिंसात्मक हो गई है। बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के काफिले पर हमले के बाद अब पूर्वी मिदनापुर में शुभेंदु अधिकारी और तृणमूल कांग्रेस के समर्थक आपस में भिड़ गए। शुभेंदु अधिकारी हाल ही में टीएमसी छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए हैं। बीते हफ्ते 19 दिसंबर को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की मिदनापुर रैली के दौरान शुभेंदु अधिकारी बीजेपी में शामिल हुए थे। अब जबकि टीएमसी के कद्दावर नेता रहे शुभेंदु बीजेपी के पाले में चले गए हैं तो टीएमसी समर्थकों के साथ उनके तकरार भी सामने आने लगे हैं।
बता दें कि शुभेंदु अधिकारी पश्चिम बंगाल के मजबूत सियासी परिवार से आते हैं। उनके पिता शिशिर अधिकारी 1982 में कांग्रेस के टिकट पर कांथी दक्षिण सीट से विधायक चुने गए, लेकिन बाद में उन्होंने ममता बनर्जी के साथ मिलकर टीएमसी का गठन किया। शिशिर अधिकारी डॉ. मनमोहन सिंह की यूपीए सरकार में ग्रामीण विकास राज्यमंत्री रहे और मौजूदा समय में वो तमलूक लोकसभा सीट से सांसद हैं और पूर्वी मेदिनीपुर के जिलाध्यक्ष भी हैं। शुभेंदु की लोकप्रियता और संगठनात्मक क्षमता इतनी है कि पश्चिम बंगाल विधानसभा की 50 से अधिक सीटों पर चुनावी परिणामों को प्रभावित कर सकते हैं। पश्चिम मिदनापुर, बांकुरा और पुरुलिया जिले में टीएमसी की सियासी जमीन तैयार करने में शुभेंदु अधिकारी की अहम भूमिका रही है। पूर्वी मेदिनीपुर जिला में 16 विधानसभा सीटें हैं। अब शुभेंदु ने जब पार्टी छोड़ दी है और टीएमसी पर पूरी ताकत से हमला बोल दिया है, उनके परिवार के अन्य सदस्यों को पार्टी में मुश्किल आ सकती है।
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