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क्वॉड देशों की नौसेनाएं पहली बार बंगाल की खाड़ी में करेंगी हाईवोल्टेज युद्धाभ्यास, चिढ़ेगा चीन
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क्वॉड देशों की नौसेनाएं पहली बार बंगाल की खाड़ी में करेंगी हाईवोल्टेज युद्धाभ्यास, चिढ़ेगा चीन

नई दिल्ली। चीन के साथ सीमा विवाद के बीच अगले दिनों में चीन की बैचेनी और बढ़ने वाली है। पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली भारत सरकार ने नवंबर माह में बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में होने वाले वार्षिक नौसैन्य युद्धाभ्यास मालाबार-2020 के लिए ऑस्ट्रेलिया को आमंत्रित किया है। वर्ष 1992 में शुरू हुए इस युद्धाभ्यास के बाद यह पहला ऐसा मौका होगा जब क्वॉड समूह के सभी देश भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया इसमें भाग लेंगे। नौसेना के मुताबिक जापान और अमेरिका ने पहले ही 2020 में इसमें शामिल होने को लेकर अपनी सहमति दे चुके हैं।

भारत ने 2007 में भी ऑस्ट्रेलिया को अस्थाई सदस्य के रूप में मालाबार में शामिल करने के लिए आमंत्रित किया था, लेकिन चीन के कड़े विरोध के बाद यह संभव नहीं हो सका था। दरअसल चीन मालाबार युद्धाभ्यास को उसके खिलाफ इसके भागीदार देशों की सीधी सैन्य चुनौती और उनके द्वारा हिंद प्रशांत क्षेत्र के सैन्यीकरण करने का तर्क देकर कड़ा विरोध करता है। ज्ञात हो कि पहले मौजूदा वर्ष के मध्य में मालाबार का आयोजन किया जाना था, लेकिन कोरोना संक्रमण की वजह से टाल दिया गया था। क्वॉड को द क्वाडिलैटरल सिक्योरिटी डायलॉग (क्यूसिड) यानि क्वॉड के नाम से जाना जाता है। यह अमेरिका, भारत, जापान और ऑस्ट्रेलिया के बीच एक अनौपचारिक राजनीतिक वार्ता समूह है।  

क्वॉड की टोक्यो बैठक में बनी युद्धाभ्यास पर सहमति
यह युद्धाभ्यास क्वॉड समूह के विदेश मंत्रियों के बीच बीते 6 अक्टूबर को टोक्यो में हुई बैठक के बाद होने जा रहा है, जिसमें चारों देशों के विदेश मंत्रियों ने इस मसले पर भी बातचीत की थी। बैठक में दिए अपने बयान में भारत के विदेश मंत्री एस़ जयशंकर ने विवादों के शांतिपूर्ण समाधान पर जोर देते हुए कहा था कि क्वॉड के सभी देश नियम आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा था कि यह संतोष की बात है कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र की अवधारणा को तेजी से सहमति मिल रही है। भारत का उद्देश्य इस क्षेत्र में वैध और महत्वपूर्ण हितों वाले सभी देशों की सुरक्षा और आर्थिक हितों को आगे बढ़ाना है।  

दो हिस्सों में होगा युद्धाभ्यास
मालाबार युद्धाभ्यास दो चरण में होगा। जिसमें पहला चरण 3 से 6 नवंबर और दूसरा 17 से 20 नवंबर के बीच होगा। भारत समुद्री सुरक्षा क्षेत्र में दूसरे देशों के साथ सहयोग बढ़ाना चाहता है और ऑस्ट्रेलिया के साथ रक्षा सहयोग में वृद्धि को देखते हुए मालाबार में ऑस्ट्रेलिया की नौसेना की भी सहभागिता होगी। इस साल अभ्यास को नॉन कांटेक्ट एट सी फॉर्मेट में तैयार किया गया है। इससे क्वॉड समूह को भी मजबूती मिलेगी और उनकी नौसेनाओं के बीच सहयोग, समन्वय भी मजबूत होगा। चारों देशों का साझा उद्देश्य मुक्त और स्वतंत्र हिंद प्रशांत क्षेत्र है।

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