
नयी दिल्ली। सरकार के साथ कर मुद्दों को लेकर कानूनी मुकदमों में उलझे करीब पांच लाख उद्यमों में से बीस प्रतिशत ने सरकार की विवाद निपटान योजना को चुना है। इससे करीब 83 हजार करोड़ रुपये की विवादित राशि से जुड़े मामलों को सुलटाने में मदद मिली। वित्त मंत्रालय के एक शीर्ष अधिकारी ने रविवार को इसकी जानकारी दी। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्त वर्ष 2020- 21 का बजट पेश करते हुए प्रत्यक्ष कर से जुड़े पुराने कानूनी मामलों को सुलटाने के लिये ‘विवाद से विश्वास’ योजना की घोषणा की थी।
योजना के जरिये विभिन्न अपीलीय मंचों में लंबित करीब 4.8 लाख अपीलों के चलते अटके 9.32 लाख करोड़ रुपये के कर- राजस्व को मुक्त करने का प्रयास था। वित्त सचिव अजय भूषण पांडेय ने एक साक्षात्कार में कहा, ‘‘लंबित मामलों में से 96 हजार ने लंबित कानूनी मामले के निपटान की योजना का चयन किया। इन मामलों में करीब 83 हजार करोड़ रुपये का राजस्व अटका पड़ा है।’’
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