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पेट्रोल में 20 प्रतिशत एथनॉल मिलाने से पैदा होंगी एक लाख करोड़ रुपये की आर्थिक गतिविधियां: सचिव
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पेट्रोल में 20 प्रतिशत एथनॉल मिलाने से पैदा होंगी एक लाख करोड़ रुपये की आर्थिक गतिविधियां: सचिव

नई दिल्ली। केंद्रीय पेट्रोलियम सचिव तरुण कपूर ने सोमवार को कहा कि पेट्रोल में 20 प्रतिशत एथनॉल मिलाने से देश में हर साल एक लाख करोड़ रुपये से अधिक की आर्थिक गतिविधियां सृजित होंगी और बहुमूल्य विदेशी मुद्रा बचाने में मदद मिल सकती है। मालूम हो कि अभी देश में जो पेट्रोल बिक रहा है उसमें एथनॉल का हिस्सा पांच प्रतिशत से कुछ ऊपर है। पेट्रोलियम सचिव रिपोज एनर्जी और टाटा मोटर्स द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में बोल रहे थे। 

तरुण कपूर ने कहा कि एक गणना के मुताबिक, मौजूदा कार्यक्रम के तहत पेट्रोल में 20 प्रतिशत एथनॉल मिलाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि हम पांच हजार कम्प्रेस्ड बायोगैस संयंत्र लगाना चाहते हैं। इसकी मदद से हर साल एक लाख करोड़ से अधिक की आर्थिक गतिविधियां सृजित हो सकती हैं। 
उन्होंने कहा कि भारत में भी दुनिया की तरह जीवाश्म ईंधन से दूरी बनाने के लिए ऊर्जा के नए स्रोतों को अपनाया जा रहा है। 

सचिव ने कहा कि अभी देश को अधिक ऊर्जा की जरूरत है, ऐसे में बदलाव कोयला से तेल या गैस की ओर हो रहा है। उन्होंने आगे कहा, भारत को अक्षय ऊर्जा और गैस की ओर बढ़ाने के लिए देश के भीतर क्या उत्पादन हो सकता है ये देखने वाली बात होगी। ऐसे जगह पर जैव ईंधन और सौर ऊर्जा बहुत महत्वपूर्ण हो जाती है।

कपूर ने कहा कि विनिर्माण के नजरिए से भी स्टार्ट-अप्स के लिए अवसर मौजूद हैं, इसमें अकेले तेल और गैस क्षेत्र में राज्य की ओर से चलाए जाने वाले उद्यम प्रति वर्ष 1.5 लाख करोड़ रुपये खर्च करते हैं और एक उपकरण आयात किया जाता है। उन्होंने कहा कि सरकार 'मेक इन इंडिया' कार्यक्रम पर ध्यान केंद्रित करना चाहती है। 

उन्होंने कहा कि संक्रमण के हिस्से के रूप में जैव-ईंधन को अपनाने से बहुत सारे विदेशी मुद्रा की बचत हो सकती है, बड़ी संख्या में उद्यमी पैदा कर सकते हैं, रोजगार दे सकते हैं और जैव-ईंधन पर आधारित अर्थव्यवस्था बनाने में भी मदद कर सकते हैं।

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