
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज कोरोना की वैक्सीन को लेकर सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ वर्चुअल बैठक करेंगे। ये बैठक काफी अहम है क्योंकि आज की बैठक में पीएम मोदी वैक्सीन का पूरा ब्लूप्रिंट देश के सामने रख सकते हैं। शाम 4 बजे होने वाली इस बैठक में पीएम मोदी मुख्यमंत्रियों को दोनों वैक्सीन यानी कोवीशील्ड और कोवैक्सीन की सप्लाई चेन और उसके राज्यों को मिलने वाले हिस्सों पर बात रख सकते हैं।
बता दें कि 3 जनवरी को ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (डीसीजीआई) ने सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया की 'कोविशील्ड' और भारत बायोटेक की 'कोवैक्सीन' को इमरजेंसी इस्तेमाल की इजाजत दी थी। ऐसे में शनिवार से वैक्सीनेशन शुरू होने वाला है। स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने भी बीते मंगलवार को कहा था कि देश में 10 दिनों में वैक्सीन लगनी शुरू हो सकती है। स्वास्थ्य सचिव ने कहा था देश में 4 प्राथमिक वैक्सीन स्टोर मौजूद है। ये स्टोर करनाल, मुंबई, चेन्नई और कोलकाता में है। इसके बाद देश 37 वैक्सीन केंद्र हैं। यहां वैक्सीन स्टोर की जाएगी। फिर यहां से वैक्सीन को बल्क में जिला स्तर में भेजा जाएगा। जिला स्तर से इन वैक्सीन को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र फ्रीजर डब्बों में भेजा जाएगा। जहां पर इस वैक्सीन को अंतिम रूप से लोगों को लगाया जाएगा।
कोरोना वैक्सीनेशन पर असली पेंच वैक्सीन के दाम को लेकर फंसा है। कई राज्यों ने बैठक से पहले ही वैक्सीन को मुफ्त में देने की मांग उठा दी है। ये राज्य हैं राजस्थान, दिल्ली और छत्तीसगढ़। वहीं कुछ राज्य खुद ही वैक्सीन मुफ्त में बांटने की बात कह रहे हैं। ये राज्य पश्चिम बंगाल, दिल्ली, मध्य प्रदेश, केरल, ओडिशा, असम, तेलंगाना, तमिलनाडु और कर्नाटक हैं। हालांकि सबसे पहले मुफ्त वैक्सीन का वादा बिहार में एनडीए ने किया था। पश्चिम बंगाल की ममता सरकार ने भी राज्य में सबको मुफ्त वैक्सीन का एलान किया है। टीएमसी का कहना है कि ममता बनर्जी ने बजट को ध्यान में रखकर ही कोई घोषणा की है। चुनावी राज्य होने की वजह से पश्चिम बंगाल के मुफ्त वैक्सीन पर सवाल उठाए जा रहे हैं।
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