
नई दिल्ली, 14 दिसंबर, न्यूज़ मंच, विवादित राफेल डील मामले पर सुप्रीम कोर्ट में आज फैसला होना था कि भारतीय वायु सेना के लिए फ्रांस से खरीदे जाने वाले अरबों रुपए के राफेल विमान डील की जांच की जाए या नहीं।
चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय बेंच ने अपना फैसला सुना दिया है। बेंच ने विमान खरीदने को लेकर अपनाई गई प्रक्रिया को सही ठहराया और कहा कि कीमत तय करना कोर्ट का काम नहीं है।
सुप्रीम कोर्ट में राफेल डील पर सुनवाई को लेकर मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि :
- राफेल डील पर शक की गुंजाइश नहीं
- खरीद प्रक्रिया में कोई गड़बड़ी नहीं दिखती
- विमान सौदे की प्रक्रिया पूरी तरह सही है
- राफेल की गुणवत्ता पर कोई सवाल नहीं है.
- राफेल की कीमत देखना कोर्ट का काम नहीं
सुप्रीम कोर्ट ने राफेल सौदे की जांच को लेकर सभी याचिकाओं को खारिज कर दिया है, और यह भी कहा कि इसके विस्तार में जाना सही नहीं होगा।
राहुल गाँधी ने झूठ बोलकर देश को गुमराह किया
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने प्रेस कांफ्रेंस की और कहा, 'कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने तत्काल सियासी फायदे के लिए झूठ का सहारा लिया। उन्होंने झूठ बोलकर देश को गुमराह किया। विजय हमेशा सत्य की होती है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले का मैं स्वागत करता हूं। सुप्रीम कोर्ट का फैसला झूठी राजनीति पर तमाचा है.'
अमित शाह ने कहा कि आरोप लगाने वाले जनता और सेना से माफी मांगें।
माफ़ी मांगे राहुल गाँधी
शीर्ष अदालत के फैसले के बाद गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि, राफेल को लेकर राजनीती से प्रेरित और निराधार आरोप लगाए गए। कांग्रेस अध्यक्ष ने अपने और अपनी पार्टी के फायदे के लिए जनता को गुमराह किया। उन्होंने कहा की, राफेल के ज़रिये प्रधान मंत्री की छवि बिगाड़ने की कोशिश हुई।
बीजेपी सांसद अनुराग ठाकुर ने कहा कि राहुल गांधी ने राफेल को लेकर सदन और सदन के बाहर झूठ बोला है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अपमान किया और राहुल गांधी को इस पर माफी मांगनी चाहिए।
माफ़ी मांगने का सवाल ही नहीं, जेपीसी की मांग की है
इस मुद्दे पर कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने सवाल किया कि राफेल के दाम तीन गुना कैसे हुए, इस पर हम सवाल खड़ा कर रहे हैं। माफी मांगने का इसपर कोई सवाल नहीं उठता। हमने इसीलिए जेपीसी की मांग की है।
कांग्रेस के आनंद शर्मा ने भी कहा कि, सुप्रीम कोर्ट ने कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर टिप्पणी नहीं की। हम अब भी जेपीसी की मांग करते हैं।
आरजेडी सांसद मनोज झा ने भी मांग की है कि संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) का गठन होना चाहिए और इसके बिना इस मामले की परत दर परत नहीं खुल सकती।
तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) का भी कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले की नहीं हमारी संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) की मांग है।
सरकार संसद में राफेल डील पर चर्चा के लिए तैयार
विपक्ष की संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) बनाये जाने की मांग पर, बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि सरकार संसद में राफेल डील पर चर्चा के लिए तैयार है। किसी भी मामले पर जेपीसी तब गठित की जाती है जब सदन में चर्चा की जाती है।
वित्त मंत्री अरुण जेटली ने भी राज्य सभा में इस डील को लेकर चर्चा कराए जाने की मांग की है।
2019 लोक सभा चुनाव के पहले राफेल मुद्दे पर मोदी सर्कार को बहुत बड़ी रहत मिली है।
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