
नई दिल्ली। भारत में कोरोना वैक्सीनेशन शुरू होने की तारीख के ऐलान से पहले सभी जरूरी तैयारियों को परखा जा रहा है। इन तैयारियों के तहत आज देश के सभी राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों के कुल 116 जिलों में 259 जगहों पर वैक्सीन का ड्राई रन हो रहा है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर हर्षवर्धन ने खुद दिल्ली के जीटीबी अस्पताल जाकर ड्राय रन का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि ये देश को टीकाकरण का अनुभव है और ये वैक्सीन जनता की सुरक्षा के लिए है। इसे लेकर कोई गलतफहमी न रखें।
बता दें कि ड्राई रन की प्रोसेस में वैक्सीनेशन से इतर चार स्टेप्स शामिल हैं। इनमें 1. बेनीफिशियरी (जिन लोगों को डमी वैक्सीन लगाई जानी है) की जानकारी, 2. जहां वैक्सीन दी जानी है उस जगह की डिटेल, 3. मौके पर डाक्यूमेंट्स का वैरिफिकेशन और 4. वैक्सीनेशन की मॉक ड्रिल और रिपोर्टिंग की जानकारी अपलोड करना शामिल है। ड्राई रन में पहले लिस्ट में शामिल किए कुछ लोगों को डमी वैक्सीन दी जा रही है। इस दौरान वैक्सीनेशन शुरू करने के लिए जरूरी इंतजामों का रिव्यू किया जाएगा। इससे असली वैक्सिनेशन के दौरान आने वाली संभावित कमियों को दूर करने का प्रयास किया जाएगा।
हर साइट पर मेडिकल ऑफिसर इनचार्ज 25 बेनीफिशियरी को चुन रहा है। हर सेंटर पर तीन कमरे हैं। पहला कमरा वेटिंग के लिए। इसमें हेल्थ वर्कर की पूरी जानकारी का डेमो मिलान किया जा रहा है। दूसरे कमरे में वैक्सीन दी जा रही है। तीसरे कमरे में वैक्सीन लगवाने वाले को 30 मिनट रखा जा रहा है। ताकि उसे कोई परेशानी होने पर इलाज दिया जा सके। ड्राई रन में ये बेनीफिशियरी हेल्थ वर्कर्स ही है। राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से कहा गया है कि वे बेनीफिशियरी का डेटा Co-WIN ऐप पर अपलोड करें। यह वैक्सीन की डिलीवरी और मॉनीटरिंग का ऑनलाइन प्लेटफॉर्म है। इस प्रोसेस के बाद Co-WIN उपयोगी हो पाएगा।
स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि करीब 96 हजार वैक्सीनेटर्स को वैक्सीनेशन की ट्रेनिंग दी गई है। 2360 पार्टिसिपेंट्स को नेशनल ट्रेनिंग ऑफ ट्रेनर्स इंस्टीट्यूट में और 719 जिलों में 57 हजार से अधिक पार्टिसिपेंट्स को ट्रेनिंग दी गई है। वैक्सीन से संबंधित कोई भी जानकारी किसी भी राज्य में 104 नंबर डायल करके हासिल की जा सकेगी।
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