• Last Update 06:08 am

5 मिनिट में ऐसी भड़की आग, 10 किलोमीटर दूर तक पहुँचे धुएं के गुबार

5 मिनिट में ऐसी भड़की आग, 10 किलोमीटर दूर तक पहुँचे धुएं के गुबार

अशोकनगर,24 अक्टूबर, (न्यूजमंच), मध्यप्रदेश के अशोकनगर में बुधवार दोपहर अशोकनगर-गुना रोड पर मड़ी हवेली गांव के पास निर्माणाधीन कोल्ड स्टोरेज परिसर में अचानक ही आग की ऊंची-ऊंची लपटें उठने लगीं और देखते ही देखते आग ने भयंकर रूप धारण कर लिया। आग की भीषणता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि आग लगने के पांच मिनिट के अंदर ही 10 किमी दूर तक आसमान में काले धुएं के गुबार दिखाई देने लगे। 

सूचना मिलने के बाद जब तक फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची, तब तक पूरा सामान जलकर खाक हो चुका है। आगजनी की इस घटना में लाखों रुपए का नुकसान बताया जा रहा है। कोल्ड स्टोरेज में जिस समय आग लगी उस दौरान बिल्डिंग के अंदर 10 कर्मचारी काम कर रहे थे, जिन्होंने भागकर अपनी जान बचाई।

जानकारी के अनुसार घटना अशोकनगर से छह किमी दूर गुना रोड पर मढ़ी हवेली गांव की है। गांव से आधा किमी दूर सड़क किनारे निर्माणाधीन कोल्ड स्टोरेज में दोपहर के समय कर्मचारी अपने काम में लगे हुए थे। स्टोरेज में रखे थर्मोकॉल में दोपहर करीब 12:45 बजे अचानक आग लग गई और देखते ही देखते आग की लपटें उठने लगीं। अंदर काम कर रहे कर्मचारी आग की लपटें उठती देख घबरा गए, पहले तो उन्होंने आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन लपटें तेज होते ही उन्हें भागकर जान बचाना पड़ी। इससे लगातार करीब 40 मिनिट तक सड़क किनारे आग की तेज लपटें उठती रहीं और दोनों तरफ वाहनों की भीड़ लग गई। सूचना मिलने पर अशोकनगर से फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक स्टोरेज में रखा सामान पूरी तरह से जलकर खाक हो चुका था। 

स्टोरेज में आग कैसे लगी, इसके कारण की अब तक जानकारी नहीं मिल सकी। हालांकि पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। 

300 बंडल थर्मोकॉल रखा था, जिससे भड़की आग 
कोल्ड स्टोरेज के शैलेंद्र अग्रवाल ने बताया कि स्टोरेज में करीब 300 बंडल थर्मोकॉल रखा हुआ था और 50 पाइप भी रखे हुए थे, जो पूरी तरह से जलकर खाक हो गए। शैलेंद्र अग्रवाल के मुताबिक आग थर्र्मोकॉल में लगी और कुछ ही समय में पूरे बंडलों में फैल गई। इससे आग तेज हो गई और बुझ नहीं सकी। 

आगजनी से जहां स्टोरेज में रखा हुआ लाखों रुपए का सामान पूरी तरह से जलकर खाक हो गया, तो वहीं दीवारों को भी नुकसान पहुंचा है। उनका कहना है कि करीब 80 फीसदी स्टोरेज बनकर तैयार हो गया था और इसे पूरा होने के लिए मात्र 20 फीसदी ही काम शेष था। 

आधा किमी दूर था गांव, धुंआ देख मचा हड़कंप-

जिस स्टोरेज में आग लगी, उससे आधा किमी दूरी पर ही गांव था। 

अचानक आग की तेज लपटें उठने और आसमान में काला धुआं फैलने से गांव में अंधेरा सा छा गया। ग्रामीणों का कहना है कि जब उन्होंने बाहर निकलकर देखा तो दूर-दूर तक धुंआ ही धुंआ दिख रहे थे। इससे ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। वहीं अशोकनगर और शाढ़ौरा में ही आसमान में ऊंचाई तक धुंआ की लपटें उठती दिखीं। 

जहां आग लगी थी, उसके ठीक सामने से गुना रोड निकली हुई है। इससे वाहनों की आवाजाही रुक गई और लोग डरते नजर आए। हालांकि कुछ दोपहिया वाहन चालक जान जोखिम में डालकर वहां से निकलते दिखे। 

फसल होती तो हो जाता बड़ा नुकसान


खास बात यह है कि कोल्ड स्टोरेज के पास में ही खेत लगे हुए हैं। जिनमें आठ दिन पहले तक सोयाबीन की फसल खड़ी हुई थी, हालांकि फसल कटकर थ्रेसिंग हो चुकी है। 

ग्रामीणों का कहना है कि यदि यह घटना आठ-दस दिन पहले होती तो खेतों की फसलों में भी आग फैल सकती थी। इससे बड़ा नुकसान होता। लोगों का कहना है कि ऐसी जगहों पर पानी और ट्यूबवेल की व्यवस्था होना चाहिए। ताकि आगजनी की दुर्घटनाओं के समय पानी से आग पर काबू पाया जा सके। 

  • Tags

You can share this post!


Leave Comments