
सतना. न्यूजमंच. बीते दिनों सतना जिले की चित्रकूट विधानसभा उपचुनाव के दौरान सीएम शिवराज सिंह चौहान ने एक जनसभा में मंच से कहा था कि एमपी में या तो शिवराज सिंह चौहान रहेगा या डाकू रहेंगे, दोनों एक साथ नहीं रह सकते। सीएम के इस बयान को सतना के डकैतों ने चुनौती के तौर पर लिया और बुधवार को सतना जिले के मझगवां थाना क्षेत्र के बगधरा घाटी से कार सवार तीन लोगों का अपहरण कर सूबे के मुखिया शिवराज सिंह चौहान को चैलेंज दिया है, अब देखना यह है कि सीएम अपने तथाकथित बयान के अनुसार मध्यप्रदेश छोड़कर जाते हैं या नहीं।
इस घटना के बाद चित्रकूट उपचुनाव के दौरान सीएम शिवराज सिंह चौहान द्वारा मंच से चित्रकूट के डकैतों का सफाया करने वाले बयान वीडियो सोशल मीडिया में जमकर वायरल हो रहा है। वीडियो में सीएम कहते हुए दिखाई दे रहे हैं कि चित्रकूट की घरती पर डकैत रहेंगे या शिवराज सिंह रहेगा।
(देखिए सीएम के बयान का वीडियो)
चित्रकूट क्षेत्र डकैत मुक्त?
चित्रकूट उपचुनाव के समय ही सीएम ने मंच से पूरे चित्रकूट क्षेत्र को डकैत मुक्त घोषित भी किया था। अब एक बार फिर चित्रकूट में तीन लोगों के अपहरण और उनके परिवार से 50 लाख रुपए की फिरौती की मांग किए जाने से साबित हो रहा है कि डकैतों ने सीधे सीएम शिवराज चौहान को चैलेंज दिया है। लोगों का कहना है कि डकैतों ने आदर्श चुनाव आचार संहिता लागू होने के दौरान अपहरण इसलिए किया कि क्योंकि सीएम खुले तौर पर कुछ भी नहीं कर पाएंगे। क्षेत्रवासी अपहरण के इस मामले में सतना पुलिस को जिम्मेदार मान रहे हैं।
सूत्र बता रहे हैं की डकैतों ने अगवा किए गए लोगों के परिजनों से 50 लाख की फिरौती भी मांगी है, हालांकि फिरौती मांगने की खबर की पुष्टि नही हो सकी है। अपहरण के दौरान मौके पर मौजूद रहे मजदूर आशीष कुमार और पिंटू सौदागर ने बताया कि रीवा निवासी तीनों अपहृत चित्रकूट से आंखों का ईलाज कराकर वापिस लौट रहे थे। इसी दौरान ही जब उनकी कार बगधरा घाटी पहुँची, तो वहां पहले से ही मजदूरों के साथ मारपीट कर रहे हथियारबंद डकैतों ने कार को घेर लिया। हथियारबंद डकैतों को देखकर कार में सवार रिटायर फारेस्ट एसडीओ रामाश्रय पांडेय, रिटायर फारेस्ट क्लर्क सुरेश त्रिपाठी और ड्राइवर मुन्ना बेहद डर गए। डकैतों ने हथियारों की नोंक पर तीनों को उतारा और अगवा कर जंगल ले गये।
( वीडियो में सुनिए, आशीष कुमार और पिंटू सौदागर से इस अपहरण की आँखोदेखी कहानी)
अपहरण की इस सनसनीखेज घटना से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। अपहृतों को डकैतों के चंगुल से छुड़ाने के लिए पुलिस की कई टीमें जंगल मे सर्च कर रही हैं, लेकिन एक दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस डकैतों का सुराग तक नहीं लगा पाई है। रीवा आईजी, सतना एसपी, उ.प्र. पुलिस और जीआरपी, आरपीएफ सभी सक्रिय होकर इस सनसनीखेज अपहरणकांड की गुत्थी सुलझाने में जुट गए हैं। वीडियो में सुनिए सतना एसपी संतोष सिंह गौर द्वारा अपहरण की घटना के बारे में दी गई जानकारी)
सूत्र बताते हैं कि अपहरण की इस संगीन वारदात में दस्यु सरगना बबली कोल गैंग के हार्डकोर मेंबर लवलेश कोल का हाथ हो सकता है। डकैत बबली कोल और लवलेश के बीच रकम के बंटवारे को लेकर हुई अनबन के बाद डकैत लवलेश ने अपना सात सदस्यीय नया गैंग बना लिया है। क्षेत्र के जानकार बता रहे हैं कि डकैत लवलेश ने जंगल मे अपनी आमद दर्ज कराने और दूसरे डकैत गिरोहों को अपनी ताकत का एहसास कराने दिनदहाड़े फॉरेस्ट के रिटायर्ड अधिकारी-कर्मचारी को उठाया है। सतना पुलिस के कमजोर नेटवर्क का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि इस सनसनीखेज घटना के एक दिन बाद सतना पुलिस अधीक्षक संतोष सिंह गौर ने मीडिया से बमुश्किल घटना की पुष्टी भर की है ।

rohit , October 25th, 2018 18:55 IST
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