
नई दिल्ली ,24 अक्टूबर, (न्यूजमंच), गत कुछ दिनों से #MeToo के अंतर्गत यौन उत्पीड़न में बहुचर्चित फ़िल्मी हस्तियों से लेकर कई राजनितिक हस्तियों के नाम सामने आये हैं । इस तरह के मामलों की बढ़ती संख्या की वजह से देश में सभी तरफ से सोशल मीडिया पर आवाज़ें उठने लगी हैं।
इन्हे देखते हुए केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती मेनका गाँधी ने, इस तरह के मामलों की जांच के लिए, एक कमेटी गठित करने का ऐलान किया था। लेकिन मोदी सरकार के द्वारा बाद में इसमें संशोधन किया गया है ।
क्या है नया संशोधन?
नए संशोधन के मुताबिक #MeToo से सम्बंधित कार्रवाई करने के लिए मोदी सरकार ने केंद्र में ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स (GoM) का गठन किया है। गृहमंत्री राजनाथ सिंह इस समिति की अगुवाई करेंगे। उनके अलावा, मेनका गांधी, निर्मला सीतारमण और नितिन गडकरी इस ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स (GoM) में रहेंगे।
ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स (GoM) की ज़िम्मेदारियाँ
इसमें ये ध्यान दिया जायेगा की कार्यस्थल पर महिलाओं के साथ होने वाले यौन उत्पीड़न के मामलों पर उचित कार्रवाई के लिए कानून बने। 3 महीने के अंदर ये ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स (GoM) बताएगा कि, किस तरह महिलाओं के साथ कार्यस्थल पर होने वाले यौन उत्पीड़न के मामलों में कमी लाई जाए, संस्थानों में इस तरह के मामलों के लिए नए दिशा-निर्देश तय हों और सामने आए मामलों में किस तरह सख्त से सख्त कार्रवाई की जा सके।
ज्ञात हो की विदेश राज्यमंत्री एमजे अकबर पर भी #MeToo अभियान के तहत कई आरोप लगे थे। परिणामस्वरूप, उन्हें इसके बाद अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा था।
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