
नई दिल्ली। दिल्ली में लगातार बढ़ते प्रदूषण पर दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने कहा कि इस मुद्दे पर केंद्र सरकार और पड़ोसी राज्य पर्याप्त गंभीर नहीं है। हालांकि, दिल्ली सरकार एक्शन मोड में काम कर रही है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को भी इस मुद्दे पर एक्शन मोड में आना पड़ेगा, तभी समस्या पूरी तरह से सुलझेगी। उन्होंने कहा कि दिल्ली के पड़ोसी राज्यों को भी सकारात्मक भूमिका निभानी होगी। तभी समस्या पर अंकुश लगेगा।
केंद्र को एक्शन मोड में काम करना होगा
उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार प्रदूषण को कम करने के लिए 21 अक्टूबर से 15 नवंबर के बीच दिल्ली की 100 रेड लाइट पर 'रेड लाइट ऑन, गाड़ी ऑफ' अभियान की शुरुआत करने जा रही है। अगर स्थितियां नियंत्रण में नहीं आई तो आड इवन भी शुरु किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि प्रदूषण को लेकर केंद्र सरकार और पड़ोसी राज्य की सरकारों में गंभीरता की कमी है। दिल्ली सरकार एक्शन मोड में काम कर रही है। केंद्र को भी एक्शन मोड में आना पड़ेगा।
हाइड्रोजन युक्त सीएनजी से चलेंगी बसें
दिल्ली में वाहनों से फैलने वाले प्रदूषण को कम करने के लिए पहली बार हाइड्रोजन युक्त सीएनजी का इस्तेमाल शुरू किया जा रहा है। केंद्र सरकार और दिल्ली सरकार साथ मिलकर पायलट प्रोजेक्ट की शुरुआत कर रहे हैं। इसके तहत अगले 6 महीने तक 50 क्लस्टर बसों में हाइड्रोजन मिक्स कम्प्रेस्ड नेचुरल गैस का इस्तेमाल किया जाएगा। हाइड्रोजन युक्त प्लांट का जायजा लेने पहुंचे दिल्ली सरकार में परविहन मंत्री कैलाश गहलोत ने बताया कि हाइड्रोजन युक्त सीएनजी का ट्रायल पिछले 2 साल से चल रहा था। उन्होंने कहा, हाइड्रोजन युक्त सीएनजी में 70 से 75 फीसदी कार्बन मोनोऑक्साइड कम होगी। इसके साथ ही 25% हाइड्रोकार्बन भी कम होगा। वहीं 3-4 प्रतिशत फ्यूल एफिशिएंसी बढ़ेगी। ऐसे में अगले छह महीने के ट्रायल में हाइड्रोजन सीएनजी के अच्छे परिणाम मिलते हैं तो एक दिन दिल्ली की सभी बसें और निजी वाहन भी हाइड्रोजन सीएनजी पर चलेंगे।
क्या है हाइड्रोजन युक्त सीएनजी
यात्री वाहनों में अब तक इस्तेमाल की जा रही सीएनजी पेट्रोल और डीजल के मुकाबले कम प्रदूषण फैलाती है। वहीं हाइड्रोजन युक्त-सीएनजी ईंधन में 18 प्रतिशत हाइड्रोजन और 82 फीसदी सीएनजी गैस का मिश्रण होगा। सीएनजी के मुकाबले हाइड्रोजन युक्त सीएनजी से कम प्रदूषण फैलेगा। राजघाट डिपो प्लांट में सीएनजी को ही स्टीम करके 18% हाइड्रोजन को रिफॉर्म किया जाता है। हाइड्रोजन युक्त सीएनजी का राजघाट पर बना प्लांट, देश का पहला प्लांट है जो 4 टन की क्षमता रखता है। कैलाश गहलोत ने कहा कि अगर हाइड्रोजन युक्त सीएनजी के रिजल्ट पॉजिटिव आते हैं तो बसों के अलावा निजी वाहन और घर-घर तक हाइड्रोजन युक्त सीएनजी का इस्तेमाल हो पाएगा। इस पायलट प्रोजेक्ट और स्टडी के लिए दिल्ली सरकार ने 15 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है।
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