
नई दिल्ली। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) जांच के लिए राज्य की सहमति को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को बड़ा फैसला सुनाया। अब सीबीआई जांच के लिए संबंधित राज्य से अनुमति लेना अनिवार्य होगा। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि दिल्ली विशेष पुलिस स्थापना अधिनियम में, शक्तियों और अधिकार क्षेत्र के लिए सीबीआई के लिए राज्य सरकार की सहमति की आवश्यकता है। ये प्रावधान संविधान के संघीय चरित्र के अनुरूप है। सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश में भ्रष्टाचार के एक मामले में आरोपी अधिकारियों की याचिका पर फैसला सुनाया।
बता दें कि सीबीआई दिल्ली विशेष पुलिस स्थापना अधिनियम,1946 के जरिये शासित होती है। इसमें कहा गया है कि सीबीआई को जांच से पहले संबंधित राज्य सरकार की अनुमति लेनी होगी। केंद्र-राज्य के बीच शक्तियों के बंटवारे में पुलिस राज्य का विषय है। लिहाजा जांच का पहला अधिकार भी राज्य पुलिस का होता है, लेकिन केंद्रीय एजेंसी होने के नाते यदि मामले की जांच सीबीआई को करनी है तो उसे राज्य सरकार से रजामंदी लेनी जरूरी है। सहमति भी दो तरह की होती है। पहली, केस विशेष और दूसरी सामान्य। वैसे सीबीआई का अधिकार क्षेत्र केंद्र सरकार के विभागों और कर्मचारियों पर है, लेकिन राज्य सरकार से जुड़े किसी मामले की छानबीन और पड़ताल करने के लिए उसे राज्य सरकार की मंजूरी लेनी होती है।
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