• Last Update 05:38 am

उड़ान योजना के तहत सरकार ने 1000 हवाई मार्गों को शुरू करने का लक्ष्य तय किया : पुरी
Business

उड़ान योजना के तहत सरकार ने 1000 हवाई मार्गों को शुरू करने का लक्ष्य तय किया : पुरी

नई दिल्ली। नागर विमानन मंत्रालय ने उड़ान योजना के तहत कम से कम 1000 मार्गों को शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही सौ ऐसे हवाई अड्डों को संचालित करने का लक्ष्य रखा गया है जो या तो बंद पड़े हैं या आंशिक रूप से संचालित हैं। केंद्रीय नागर विमानन मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने यह जानकारी दी। 

दरअसल, पुरी भाजपा के राज्य कार्यालय केशुभाई ठाकरे परिसर में केंद्रीय बजट 2021-22 पर आयोजित संवाददाता सम्मेलन में पत्रकारों से बात कर रहे थे, इस दौरान उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के बिलासपुर शहर से घरेलू उड़ान सेवाएं एक मार्च से शुरू हो जाएंगी। विमानन क्षेत्र में निजीकरण को जरूरी बताते हुए उन्होंने कहा कि हवाई अड्डों को संचालित करने में सरकार को विशेषज्ञता हासिल नहीं है। पुरी ने बताया कि छत्तीसगढ़ के बिलासपुर शहर से घरेलू उड़ान सेवाएं एक मार्च से शुरू हो जाएंगी। 

उन्होंने कहा कि नागर विमानन मंत्रालय का लक्ष्य है कि सौ बंद या आंशिक रूप से संचालित हवाई अड्डों को शुरू किया जाए और उड़ान योजना के तहत कम से कम एक हजार हवाई मार्गों को शुरू किया जाएगा। बजट 2021-22 के बारे में चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि इसे पेश किए जाने के बाद स्टॉक बाजार में काफी तेजी आई और देशभर के बुद्धिजीवियों ने इसकी सराहना की। हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि 56 हवाई अड्डों का बेहतर किया जा चुका है, इसके अलावा 2017 में उडान योजना शुरू होने के बाद 4500 करोड़ रुपये की लागत से 311 मार्गों पर हवाई सेवा शुरू हो चुकी है।

कांग्रेस नेता राहुल गांधी की टिप्पणी के बारे में पूछे जाने पर कि बजट में सरकार चाहती है कि सरकारी उपक्रमों का निजीकरण कर दिया जाये, पुरी ने कहा कि एयर इंडिया की आर्थिक स्थिति को कमजोर करने के लिए विपक्षी पार्टी जिम्मेदार है। मौजूदा समय में एयर इंडिया पर 60,000 करोड़ रुपये का संचित कर्ज है और लंबे समय से इसके निजीकरण की प्रक्रिया चल रही है। उन्होंने कहा कि एनडीए सरकार इसे ठीक से लागू करने जा रही है।


 

  • Tags

You can share this post!


Leave Comments