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कर्नाटक में कांग्रेस ने 18 को बुलाई विधायकों की बैठक, असंतुष्टों से मंत्री बनाने का किया वायदा
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कर्नाटक में कांग्रेस ने 18 को बुलाई विधायकों की बैठक, असंतुष्टों से मंत्री बनाने का किया वायदा

बेंगलुरु, 16 जनवरी, न्यूजमंच। कर्नाटक में तेजी से बदलते राजनीतिक घटनाक्रम के बीच कांग्रेस अपने असंतुष्ट विधायकों को मनानेमें जुट गई है। पार्टी ने 18 जनवरी को अपने विधायकों की बेंगलुरु में बैठक बुलाई है। पार्टी ने नाराज विधायकों को मनाने के लिए उन्हें मंत्री बनाने का आश्वासन दिया है। 2 निर्दलीय विधायकों द्वारा कुमारस्वामी सरकार से समर्थन वापस लेने से चिंतित कुमार स्वामी ने बुधवार को कांग्रेस नेताओं से मुलाकात कर उनका असंतोष दूर करने काप्रयास किया। उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व से भी इस मसले पर चर्चा की।  

असंतुष्टों से कहा अगले विस्तार में देंगे मौका 
कांग्रेस सांसद केएच मुनियप्पा बुधवार को असंतुष्ट विधायकों से मिले और उन्हें भरोसा दिया कि उन्हें अगले कैबिनेट विस्तार में मौका दिया जाएगा। कांग्रेस सांसद ने कहा कि मैं उन सबको वापस आने का न्योता देता हूं जो पाला बदल चुके हैं। मुनियप्पा ने कहा कि आप फिक्र न करें। हमें आपकी स्थिति की समझ है। उन्होंने कहा कि उन्हें अपने आपको असुरक्षित नहीं महसूस करना चाहिए। उन्होंने बताया कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और केसी वेणुगोपाल आपकी शिकायतों से वाकिफ हैं। हम आपको अगले दिनों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपने जा रहे हैं। आपको अगले कैबिनेट विस्तार में मौका दिया जाएगा। 

दिल्ली में जमे भाजपा विधायक, कांग्रेसी मुंबई में
उल्लेखनीय है कि मंगलवार को 2 निर्दलीय विधायकों ने कुमारस्वामी की अगुआई वाली कर्नाटक की जेडीएस-कांग्रेस गठबंधन सरकार से समर्थन वा्पस ले लिया था। इसके बाद से राज्य की राजनीति में हलचल पैदा हो गई थी। भाजपा के राष्ट्रीय अधिवेशन में हिस्सा लेने नई दिल्ली पहुंचे कर्नाटक के पार्टी विधायक अधिवेशन खत्म होने के बाद भी गृहराज्य नहीं लौटे हैं। उन्हें गुरूग्राम के होटल में ठहराया गया है। इस बीच, 2 निर्दलियों के समर्थन वापसी के बाद कांग्रेस भी सक्रिय हो गई है। कांग्रेस ने अपने विधायकों को मुंबई भेज दिया है, ताकि  भाजपा उनसे संपर्क नहीं कर सके। 

यह है सीटों की स्थिति
224 सदस्यों वाली कर्नाटक विधानसभा में कांग्रेस और जेडीएस के 117 विधायक हैं जो बहुमत के लिए जरूरी 113 के आंकड़े से 4 ज्यादा है। 2 निर्दलियों के समर्थन वापसी के बाद सरकार पर फिलहाल कोई संकट नहीं है, लेकिन कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन के लिए इसे एक झटके के रूप में देखा जा रहा है। कर्नाटक में भाजपा के 104 विधायक हैं और पार्टी दूसरे दलों के विधायकों के इस्तीफों के जरिए सूबे में सरकार बनाने के लिए प्रयासरत है। 

कांग्रेस ने कहा सरकार को कोई खतरा नहीं 
कांग्रेस ने कहा कि दो निर्दलीय विधायकों की समर्थन वापसी से राज्य सरकार के सामने कोई संकट नहीं पैदा हुआ है। राज्य सरकार मजबूती से अपने काम करती रहेगी। ताजा घटनाक्रम से साफ हो गया है कि भाजपा की नजर सत्ता पर है। राज्य का विकास उसकी प्राथमिकताओं में नहीं है। भाजपा इस समय हार्सट्रेडिंग का प्रयास कर रही है, लेकिन उसे इस बार भी निराश होना पड़ेगा। विधानसभा चुनाव होने के बाद जब किसी दल को स्पष्ट बहुत नहीं मिला, तब भी भाजपा ने इसी तरह सरकार बनाने का प्रयास किया था, लेकिन उसे सफलता नहीं मिली थी।   
 

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