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मायावती ने कांग्रेस के किसान क़र्ज़ माफ़ी वाले गुब्बारे से निकाली हवा, कांग्रेस ने कहा, सपा-बसपा फंसी बीजेपी के जाल में
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मायावती ने कांग्रेस के किसान क़र्ज़ माफ़ी वाले गुब्बारे से निकाली हवा, कांग्रेस ने कहा, सपा-बसपा फंसी बीजेपी के जाल में

नई दिल्ली, 15 जनवरी, न्यूज़ मंच, बसपा सुप्रीमो मायावती ने कांग्रेस के 2019 लोक सभा इलेक्शन के ट्रम्प कार्ड "किसान क़र्ज़ माफ़ी" के गुब्बारे में से यह कहकर हवा निकाल दी कि, कांग्रेस ने किसानो को छला है। बसपा प्रमुख ने अपने जन्मदिन के मौके पर कांग्रेस के किसान कर्जमाफी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। 

100% किसान क़र्ज़ माफ़ी की मांग 
मायावती ने कहा कि कांग्रेस की मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में सरकार बनी, और वहां कांग्रेस द्वारा किसानों की कर्जमाफी के नाम पर छला गया है। उन्होंने कहा कि किसानों का थोड़ा सा कर्ज माफ करने से उन्हें राहत मिलने वाली नहीं है। देशभर के किसानों का 100 फीसदी कर्ज माफ किया जाना चाहिए। सरकार इसके लिए एक ठोस खेती ऋण माफी पॉलिसी तैयार करे, नहीं तो किसानों के आत्महत्या की समस्या बनी रहेगी। किसानों की आय के लिए स्वामीनाथन रिपोर्ट को लागू किया जाए। 

इसके अलावा किसानों की तरह भूमिहीन दलित, मुस्लिम और गरीबों के ऋण माफ हों। जिनका छोटा कारोबार नोटबंदी और जीएसटी के कारण बंद हो गया है।

अब तक रहे राहुल गाँधी के तेवर नरम 
बता दें, अखिलेश यादव और मायावती ने लोकसभा चुनाव के लिए हालही में गठबंधन का ऐलान किया था। इसे लेकर अब तक जहाँ मायावती, कांग्रेस और उसकी नीतियों के खिलाफ सख्त तेवर अख्तियार किए हुए थीं, वहीँ कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी मायावती और अखिलेश यादव को लेकर नरम नजर आ रहे थे। सपा-बसपा गठबंधन में कांग्रेस को न शामिल किए जाने पर राहुल ने कहा था, "हम दोनों का सम्मान करते हैं। उनके पास अपनी इच्छानुसार फैसले लेने का पूरा अधिकार है। 

कांग्रेस ने कहा, "दोनों पार्टियां भाजपा के जाल में फंस गई हैं"  
कांग्रेस प्रवक्ता आरपीएन सिंह ने कहा कि, हर जगह यही प्रयास हो रहा है कि भाजपा विरोधी दल एकजुट हों और यह सुनिश्चित किया जाए कि वोटों का बंटवारा नहीं हो, तथा उत्तर प्रदेश में भी यही होना चाहिए था। लेकिन सपा-बसपा ने कांग्रेस को अलग रखकर वही किया जो भाजपा चाहती थी। उन्होंने कहा, "ऐसा लगता है कि ये दोनों पार्टियां भाजपा के जाल में फंस गई।" 

विधान सभा चुनाव से पहले भी ऐसे ही किया था विरोध 
कांग्रेस मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में विधान सभा चुनाव बसपा के साथ मिलकर लड़ना चाहती थी, लेकिन चुनाव से पहले ही मायावती ने कांग्रेस के साथ किसी भी गठबंधन की संभावना से इंकार कर दिया था, और चुनाव प्रचार के दौरान कांग्रेस पर इसी तरह से जमकर हमला किया था। लेकिन जब नतीजे आये तो कांग्रेस को समर्थन देने का ऐलान कर दिया। 

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