
भोपाल, 10 जनवरी, न्यूज मंच, यदि आप किसान है और कांग्रेस की नई सरकार द्वारा शुरू की गई मुख्यमंत्री फसल ऋणमाफी में शामिल होकर अपना कर्ज माफ कराना चाहते हैं, तो यह खबर आपके लिए उपयोगी साबित हो सकती है। न्यूजमंच आपको बता रहा है कि कैसे आप इस योजना में शामिल हो सकते हैं और किस तरह यह योजना क्रियांवयित की जाएगी।
मुख्यमंत्री कमलनाथ की फसल ऋणमाफी योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को आवेदन करना होगा। आवेदन पत्र भरने के लिए सरकार ने किसानों की तीन श्रेणियां निर्धारित की हैं, तीनों ही श्रेणी के किसानों को अलग-अलग रंग के आवेदन पत्र भरने होंगे। अपनी श्रेणी के अनुसार निर्धारित रंग वाला आवेदन पत्र भरने के बाद किसानों को अपने आवेदन नगरपालिका एवं ग्राम पंचायत में जमा कराना होगा। (शहरी क्षेत्र की स्थिति में नगरपालिका, ग्रामीण क्षेत्र की स्थिति में ग्रामपंचायत)
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कैसे तय करें, किस रंग का आवेदन भरना है
किसानों को अपनी श्रेणी अनुसार हरे, सफेद और गुलाबी रंग के आवेदन पत्र भरना होगा। जिन किसानों के ऋण खाते से आधार कार्ड सीडेड (लिंकड) है, उनके नाम हरे रंग की सूची में आएंगे और उन्हें हरे रंग का आवेदन पत्र भरना होगा, वहीं जिन किसानों के खाते आधार कार्ड सीडेड (लिंक) नहीं है। उनके नाम सफेद सूची में आएंगे और उन्हें सफेद रंग का आवेदन पत्र भरना होगा। इसके अलावा जिन किसानों के नाम दोनों ही सूचियों में नहीं हैं या फिर दस्तावेजों में किसी भी तरह की कोई त्रुटि है, तो उन किसानों को गुलाबी रंग का आवेदन पत्र भरना होगा।
5 फरवरी तक होगा आधार कार्ड जमा कराने का काम
मुख्यमंत्री फसल ऋण माफी योजना के लिए किसानों को अपने बैंक ऋण खातों से आधार कार्ड की सीडिंग (जुड़वाना) कराना जरूरी है। बैंकों में आधार कार्ड जमा कराने का काम पांच फरवरी तक चलेगा। योजना के लिए आधार कार्ड की अनिवार्यता की जानकारी का प्रसार होते ही बैंकों में किसानों की भीड़ लगने लगी है और वह अपने ऋण खातों में आधार कार्ड जमा कराने के लिए पहुंच रहे हैं। इसलिए आप भी 5 फरवरी की आखिरी तारीख तक इंतजार करने की बजाए पहले ही अपने बैंक ऋण खाते को आधार कार्ड से जुड़वा लें।
शहरी क्षेत्र के किसान नगरपालिका और ग्रामीण क्षेत्र के किसान ग्राम पंचायत में जमा करें आवेदन
नगरीय क्षेत्र के किसानों को नगर पालिकाओं में और ग्रामीण क्षेत्र के किसानों को ग्राम पंचायतों में आवेदन करना होगा। मुख्यमंत्री फसल ऋण माफी योजना के लाभ लेने के लिए किसानों को सलाह एवं सहायता के लिए सरकार ने अधिकारियों को भी जिम्मेदारी है। किसी भी तरह की समस्या के लिए किसान अधिकारियों से संपर्क कर सकते हैं। हर जिले में यह योजना कलेक्टर की निगरानी में क्रियांवयित होगी।
22 फरवरी से किसानों के खातों में पहुंचेगी राशि
योजना के तहत पूरी प्रक्रिया होने के बाद 21 फरवरी को किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग से आवंटन की मांग की जाएगी और 22 फरवरी से किसानो के खातों में डीबीटी के माध्यम से राशि पहुंचाने का काम शुरू हो जाएगा। जिसकी जानकारी किसानों को मोबाइल पर मैसेज के माध्यम से पहुंचाई जाएगी।
इस तरह चलेगी ऋण माफी की प्रक्रिया, ऐसे होगा योजना का क्रियांवयन-
- 15 जनवरी से ग्राम पंचायत कार्यालय एवं बैंक शाखाओं में आधार कार्ड सीडेड फसल ऋण खातों की हरी सूची, गैर-आधार सीडेड खातों की सफेद सूची पोर्टल से प्राप्त कर चस्पा की जाएगी।
- 25 जनवरी तक ग्राम सभा से पहले हरी और सफेद सूचियां चस्पा करना अनिवार्य है। सूची प्रकाशन के बाद किसानों के ऋण माफी के लिए आवेदन लेने का काम शुरू हो जाएगा।
- हरी सूची में नाम वाले किसानों को हरा आवेदन, सफेद सूची वालों को सफेद आवेदन और दोनों सूचियों में नाम न होने वाले किसानों को गुलाबी रंग का आवेदन देना पड़ेगा।
- 13 जनवरी तक कृषि विभाग को तीनों रंगों के यह आवेदन पर्याप्त मात्रा में छपवाकर बैंक शाखाओं और ग्राम पंचायतों में दिए जाएंगे। ताकि किसान आवेदन कर सकें।
- 26 जनवरी को होने वाली ग्राम सभा में तीनों रंगों के आवेदनों के किसानों के नाम पढ़कर सुनाए जाएंगे और आवेदन की अंतिम तिथि पांच फरवरी रहेगी। आवेदन की रसीद भी मिलेगी। (नगरीय निकाय में नगरपालिका की बैठक में, ग्रामीण क्षेत्र के ग्राम पंचायत की सभा में )
- 27 जनवरी से पांच फरवरी तक किसानों के इन आवेदन पत्रों की डाटा इंट्री का कार्य पोर्टल पर किया जाएगा। दावे-आपत्तियां भी किसानों से लिए जाएंगे।
-10 से 17 फरवरी तक आधार अभिप्रमाणन को देखने के बाद डीएलसीसी के समक्ष परीक्षण वं अनुशंसा के लिए सूची प्रस्तुत की जाएगी।
-18 से 20 फरवरी तक क्लेम सूची का निराकरण होगा।
- 22 फरवरी से किसानों के खातों में पैसा आना शुरु हो जाएगा।
इनको नहीं मिलेगा लाभ
सरकार द्वारा निर्धारित किए गए आवेदन पत्र के साथ ही किसान को एक घोषणा पत्र भी भरना होगा, जिसमें उल्लेख रहेगा कि वह उन निर्धारित श्रेणियों में शामिल नहीं हैं, जिन्हें कि इस योजना के तहत लाभ लेने की पात्रता नहीं है। निम्नलिखित श्रेणी के अंर्तगत आने वाले किसानों को मुख्यमंत्री फसल ऋण माफी योजना का लाभ नहीं मिल पाएगा।
- भूतपूर्व एवं वर्तमान सांसद, विधायक, जिला पंचायत अध्यक्ष, नगरपालिका/नगर पंचायत अध्यक्ष/नगरनिगम अध्यक्ष/ महापौर, कृषि उपज समिति मंडी अध्यक्ष, सहकारी बैंक अध्यक्ष, केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा गठित निगम मंडल अथवा बोर्ड अथवा उपाध्यक्ष।
- ऐसे व्यक्ति जो आयकर दाता हैं, या उन पर पिछले तीन सालों के दौरान आयकर देनदारी निर्मित हुई है, या उन्होंने कभी आयकर जमा किया है।
- केन्द्र सरकार अथवा प्रदेश सरकार के अधीन कार्यरत वर्तमान एवं रिटायर्ड सरकारी अधिकारी/कर्मचारी, केन्द्र या राज्य सरकार द्वारा गठित मंडल/निगम अर्द्धशासकीय संस्थाओं के वर्तमान एवं रिटायर्ड अधिकारी/कर्मचारी (चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों को पात्रता रहेगी)
- 12 दिसंबर 2018 तक या उसके पूर्व जीएसटी के अंतर्गत रजिस्टर्ड व्यक्ति/फर्म/फर्म/फर्म का संचालक/फर्म का भागीदार।
- ऐसे व्यक्ति जिन्होंने किसी कंपनी या किसी भी कार्पोरेट संस्था से प्रत्याभूत ऋण लिया है।
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