• Last Update 06:14 am

Bharat Bandh: किसान नेताओं ने बंद को बताया सफल, भाजपा शासित राज्यों में बंद का कम असर दिखा
National

Bharat Bandh: किसान नेताओं ने बंद को बताया सफल, भाजपा शासित राज्यों में बंद का कम असर दिखा

नई दिल्ली। कृषि कानून के विरोध में मंगलवार को किसानों ने भारत बंद बुलाया। सुबह 11 से दोपहर 3 बजे तक चक्का जाम किया किया। किसान नेताओं ने दावा किया कि नए कृषि कानूनों के खिलाफ उनका 'भारत बंद' सफल रहा और 25 राज्यों में इसका प्रभाव देखने को मिला। किसान नेताओं ने कहा कि बंद ने सरकार के ‘आंख और कान’ खोल दिए हैं। किसान नेताओं ने कहा कि प्रदर्शनकारी बुराड़ी मैदान नहीं गए क्योंकि यह ‘‘खुली जेल’’ की तरह है। उन्होंने कहा कि सरकार को रामलीला मैदान में प्रदर्शन की अनुमति देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि वे दिल्ली और हरियाणा के लोगों की मुश्किलें नहीं बढ़ाना चाहते हैं। 

गैर-भाजपा शासित 13 राज्यों में बंद का सबसे ज्यादा असर देखने को मिला।  राजस्थान के मंत्री खुद ट्रैक्टर पर सवार होकर दुकानें बंद कराने निकले। यहां पेट्रोल पंप, अस्पताल, मेडिकल शॉप्स सहित जरूरी सेवाओं को छोड़कर बाकी सब कुछ बंद रहा। वहीं मुंबई की डब्बावाला एसोसिएशन ने भी बंद को समर्थन दिया। बंद को देखते हुए संवेदनशील मार्गों पर स्टेट ट्रांसपोर्ट (ST) की बसें नहीं चलीं। हालांकि, राज्य में मेडिकल स्टोर और किराना दुकानें खुली रहीं। पंजाब की बात की जाए तो यहां बंद को बड़े पैमाने पर समर्थन मिला। वहीं भाजपा शासित 17 में से 15 राज्यों में इसका ज्यादा असर अब तक नहीं देखा गया। 20 सियासी दलों ने इसका सपोर्ट किया। 

मध्य प्रदेश
केंद्र सरकार के तीन कृषि कानूनों के विरोध में मंगलवार को बुलाए गए भारत बंद के आहवान का मध्य प्रदेश में मिला जुला असर नजर आया। किसानों के अलावा कांग्रेस कार्यकर्ता भी सड़कों पर उतरे, मगर आम जिंदगी पर ज्यादा असर नहीं पड़ा। कई स्थानों पर जरुर बाजारों में चहल-पहल कम रही। भोपाल की मंडियों में सुबह का कामकाज आम दिनों की तरह ही चला। वहीं चूना भट्टी इलाके में सड़क पर उतरे किसानों ने जाम लगाया और सड़क पर ही खाना बनाकर खाया। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन, जबलपुर, सागर सहित राज्य के अन्य हिस्सों  में कांग्रेस कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे। इस बंद को व्यापारियों का समर्थन नहीं मिला।

तमिलनाडु
भारत बंद के चलते तमिलनाडु में सामान्य जनजीवन प्रभावित नहीं हुआ। होटल और दुकानें खुली रहीं। चेन्नई में, सार्वजनिक बसें चलती रहीं, जबकि होटल और दुकानें भी खुली रहीं। इसी प्रकार, सरकारी स्वामित्व वाले बैंकों और बीमा कंपनियों ने हमेशा की तरह काम किया, हालांकि यूनियनों ने किसानों के बंद को समर्थन दिया। इरोड में एक सब्जी मंडी और तिरुवरुर में कई दुकानें किसानों के समर्थन में बंद रहीं। किसान संगठनों, राजनीतिक दलों और ट्रेड यूनियनों ने राज्य के विभिन्न हिस्सों में तीन कृषि कानूनों के खिलाफ विरोध सभाएं भी कीं। हालांकि किसी भी हालात से निपटने के लिए पुलिस ने राज्य भर में सुरक्षा बढ़ा दी थी।

उत्तर प्रदेश
उत्तर प्रदेश में बंद का मिला-जुला असर देखने को मिला। प्रदेश के शहरों में बाजार खुले रहे। हालांकि, व्यापारियों ने किसानों की मांगों का खुलकर समर्थन किया और कहा कि सरकार को किसानों की बातें सुननी चाहिए। वहीं, यूपी में समाजवादी पार्टी व कांग्रेस के कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे जिन्हें पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। राजधानी लखनऊ में नवीन दुबग्गा फल व सब्जी मंडी किसान आंदोलन के समर्थन में पूरी तरह बंद रही। मंडी के अंदर पूरी तरह सन्नाटा छाया रहा। हालांकि लखनऊ में हर बाजार नियत समय पर खुल गए, जबकि बस तथा अन्य साधनों का संचालन होता रहा। 

बिहार
राष्ट्रीय जनता दल (राजद), जन अधिकार पार्टी (जेएपी) और वाम दलों के समर्थकों ने किसानों की ओर से बुलाए गए भारत बंद के समर्थन में मंगलवार को पटना में व्यापक विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया। इसके अलावा बिहार के कई हिस्सों में कुछ गड़बड़ी और व्यवधान की भी खबरें सामने आईं। पटना में विपक्षी दलों के समर्थकों ने डाक बंगला चौक चौराहे को ब्लॉक कर दिया, जिससे यातायात बाधित हो गया। पप्पू यादव के नेतृत्व में जन अधिकार पार्टी (जाप) समर्थक विशेष रूप से आक्रामक दिख रहे थे। पार्टी समर्थक अपने सिर पर धान की फसल रखकर संसद की ओर से पारित तीन कृषि विधेयकों का विरोध करते नजर आए। इसके साथ ही वह अपने साथ पारंपरिक कृषि उपकरण भी लिए हुए थे।

गुजरात 
अहमदाबाद-विरमगाम हाईवे पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने टायर जलाकर प्रदर्शन किया, इससे ट्रैफिक जाम हो गया। प्रदर्शनकारियों ने वडोदरा और भरूच में भी नेशनल हाईवे जाम कर दिया। पुलिस ने अहमदाबाद में कुछ लोगों को हिरासत में ले लिया। गुजरात के सौराष्ट्र में भी भारत बंद का मिला-जुला असर देखने को मिला। व्यापारी संघ बंद के समर्थन में नहीं दिखे। इसी के चलते सुबह अमरेली शहर में विपक्ष के नेता परेश धानाणी व्यापारी संघ से अपील करने स्कूटर से घूमते नजर आए। बीजेपी नेता दिलीप संघाणी साइकिल लेकर आ पहुंचे। कारोबारियों से कहा- राजनीति का शिकार न बनें और भारत बंद का समर्थन न करें। उन्होंने बाजार खुलवा दिया।

  • Tags

You can share this post!


Leave Comments