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Farmers protest: कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का भारत बंद, जानिए कितने दलों ने किया समर्थन?
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Farmers protest: कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का भारत बंद, जानिए कितने दलों ने किया समर्थन?

नई दिल्ली। केंद्र सरकार के नए कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों ने कल मंगलवार को भारत बंद का ऐलान किया है। यह देशव्यापी बंद सुबह 11 बजे से शुरू होकर दोपहर 3 बजे तक रहेगा, क्योंकि प्रदर्शनकारियों का यह कहना है कि वे आम लोगों को लिए समस्याएं नहीं खड़ी करना चाहते हैं। किसानों के भारत बंद को 24 विपक्षी दलों और संगठनों ने समर्थन दिया है। इनमें कांग्रेस, लेफ्ट पार्टियों के अलावा अधिकतर क्षेत्रीय पार्टियां शामिल हैं। वहीं बीजेपी शासित राज्यों ने कहा है कि उनके राज्य में भारत बंद नहीं होगा। जो लोग बंद कराने की कोशिश करेंगे उन पर एक्शन होगा। किसानों का समर्थन करने पर बीजेपी ने विपक्षी दलों पर निशाना भी साधा।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कृषि को लेकर क्रांतिकारी कदम उठाया है, लेकिन विपक्षी दल के लोग भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। योगी ने कहा कि यूपीए एक में शरद पवार ने बतौर कृषि मंत्री APMC में संशोधन की वकालत की थी। आज विरोध करने वाले सभी दल उस वक्त साथ थे। आश्चर्य है कि कृषि मंत्री प्रस्ताव ला रहे हों और तब पीएम, यूपीए की चेयरपर्सन सोनिया गांधी, राहुल गांधी (जो कांग्रेस महासचिव थे) को इसके बारे में मालूम न हो। सीएम योगी ने कहा कि आज एनसीपी और दूसरे दल इसका विरोध कर रहे हैं। इससे उनका दोहरा चरित्र उजागर हुआ है। विपक्षी दलों को देश से माफी मांगनी चाहिए।

भारत बंद को 24 विपक्षी दलों और संगठनों का समर्थन
भारत बंद को 24 विपक्षी दलों और संगठनों ने समर्थन दिया है। इनमें कांग्रेस, लेफ्ट पार्टियों के अलावा अधिकतर क्षेत्रीय पार्टियां शामिल हैं। जिन 24 विपक्षी दलों ने बंद का समर्थन किया है उनमें, कांग्रेस, माकपा, डीएमके, सीपीआई, राजद, एनसीपी, जेएमएम, सपा, शिवसेना, अकाली दल, भाकपा-माले, गुपकार गठबंधन, टीएमसी, टीआरएस, एआईएमआईएम, आम आदमी पार्टी, पीडब्ल्यूपी, बीवीए, आरएसपी, एफबी, एसयूसीआई (सी), स्वराज इंडिया, जेडीएस, बसपा है। वहीं किसान संगठनों ने साफ कह दिया है कि मंच पर किसी भी पार्टी के नेता को आने की इजाजत नहीं होगी।   

सुबह 11 बजे से 3 बजे तक ही रहेगा चक्काजाम
भारत बंद के दौरान जरूरी सेवाएं जैसे एंबुलेंस को नहीं रोकी जाएगी। शादी के लिए जा रहे लोगों पर भी कोई रोक नहीं होगी। बंद सुबह 8 बजे से शाम तक रहेगा, हालांकि चक्का जाम सिर्फ सुबह 11 बजे से 3 बजे तक ही रहेगा। इसके साथ ही, किसानों ने फल, दूध और सब्जियों की सेवाओं पर पूरी तरह से बंद के दौरान रोकने का फैसला किया है। आजादपुर मंडी के चेयरमेन आदिल अहमद खान ने कहा- किसानों के भारत बंद के दौरान आजादपुर मंडी कल बंद रहेगी। इसके साथ ही, शहर की अन्य मंडियां भी बंद रहेंगी। 

किसान क्यों कर रहे प्रदर्शन?
दिल्ली और उसके आसपास आकर 12 दिनों से  प्रदर्शन कर रहे पंजाब और हरियाणा के किसानों की मांग है कि केन्द्र सरकार की तरफ से लाए गए तीनों कृषि कानूनों (1. मूल्य उत्पादन और कृषि सेवा अधिनियम, 2020, 2. आवश्यक वस्तु (संशोधन) अधिनियम, 2020 और 3. किसानों के उत्पादन व्यापार और वाणिज्य (संवर्धन और सुविधा) अधिनियम, 2020) को सरकार वापस ले। उन्हें नए कानूनों को ‘किसान-विरोधी’ करार दिया है। किसानों ने कहा कि इससे न्यूनतम समर्थन मूल्य खत्म हो जाएगा और बड़े कॉर्पोरेट के आगे उन्हें छोड़ दिया जाएगा।

बंद से पहले कृषि मंत्री से मिले कुछ किसान संगठन
भारत बंद से पहले सोमवार शाम को हरियाणा के कुछ संगठनों ने केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर से मुलाकात की। इन संगठनों ने केंद्र सरकार के नए कृषि कानूनों का समर्थन किया। संगठनों ने इस संबंध में कृषि मंत्री को एक ज्ञापन भी सौंपा जिसमें नए कानूनों को रद्द नहीं करने की मांग की गई है।

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