
रायसेन, अजय गोहिल, 4 दिसंबर, न्यूज़ मंच। साल भर में अनगिनत आंदोलनों के बावजूद भी किसानों की हालत सुधरती दिखाई नहीं दे रही है। मध्यप्रदेश के रायसने जिले के बरेली में मंगलवार को अपनी धान की फसल का सही दाम नहीं मिलने से नाराज किसानों ने जमकर हंगामा किया।किसानों में आक्रोश भड़कता देख मंडी प्रशासन और पुलिस को मोर्चा संभालना पड़ा, तब कहीं जाकर हालात सामान्य हुए, हालांकि यह अब भी तय नहीं हो पाया किसानों को उनकी फसल का उचित दाम कैसे मिलेगा।
बरेली कृषि उपज मंडी में मंगलवार दोपहर किसानों के हंगामें की शुरुआत उस समय हुई, जब ग्रामीण क्षेत्रों के कई किसान बरेली कृषि उपज मंडी में अपनी धान की फसल बेचने के लिए लाए थे, लेकिन कृषि उपज मंडी में अनाज करोबारी उनकी धान की फसल का सही भाव नहीं लगा रहे थे। व्यापारियों द्वारा धान की फसल की कम कीमत लगाए जाने से नाराज होकर किसानों ने मंडी में हंगामा शुरू कर दिया। हंगामा बढ़ते देख मौके पर पुलिस और जिला प्रशासन के अधिकारियों ने जाकर व्यवस्था संभाली।
जानकारी के मुताबिक रायसेन जिले में इस साल करीब 1 लाख 50 हजार हेक्टेयर में धान की फसल की बोवनी गई थी, मौसम की अनुकूलता से जिले में में धान फसल की बम्पर पैदावार हुई। किसानों का आरोप है कि विधानसभा चुनाव के पहले व्यापारी 3 हजार रुपए प्रति क्विंटल के भाव पर धान खरीद रहे थे। आज उसी गुणवत्ता की धान की कीमत 25 सौ रुपए प्रति क्विंटल लगा रहे हैं। किसानों का आरोप है कि बरेली कृषि उपज मंडी समिति के सचिव और व्यापारियों की मिली भगत से कमीशन का खेल चल रहा है। धान का सही भाव नहीं मिलने से मंडी प्रांगण में प्रदर्शन कर रहे एक किसान ने न्यूज मंच को बताया कि 4-5 दिनों से किसान परेशान हो रहे हैं। प्रदेश की अन्य मंडियों में धान की कीमत 27-28 सौ रुपए प्रति क्विंटल के हिसाब से चल रही है, जबकि बरेली कृषि उपज मंडी में व्यापारी 16-24 सौ रुपए प्रति क्विंटल के हिसाब से धान खरीद रहे हैं, इस किसान का कहना था कि प्रदेश की अन्य मंडियों में चल रहे भाव के अनुसार ही बरेली कृषि उपज मंडी में व्यापारियों द्वारा धान की खरीद की जारी चाहिए। वहीं एक अन्य किसान देवेंद्र सिंह ने व्यापारियों पर आरोप लगाते हुए कहा कि व्यापारियों किसानों से दुराभाव रख रहे हैं, उन्होंने कहा कि व्यापारी एक ही गुणवत्ता की फसल के अलग-अलग भाव लगा रहे हैं, जबकि एक ही खेत मे दो प्रकार की उपज पैदा नहीं हो सकती, फिर भी एक ही ढेर के दो अलग-अलग रेट लगाए जा रहे हैं, एक ट्राली में पूरे खेत की फसल नहीं आ सकती। दूसरी ओर इस संबंध में बरेली तहसीलदार निकिता पांडेय ने बताया कि उन्होंने मामले की जांच के लिए नायब तहसीलदार को कृषि उपज मंडी भेजा है, मंडी सचिव और व्यापारियों को बिठाकर मामले का निराकरण करा रहे हैं।
Leave Comments