
इंदौर। वित्त वर्ष 2021-22 के लिये केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा सोमवार को पेश आम बजट पर मध्य प्रदेश के उद्योग-व्यापार जगत की मिली-जुली प्रतिक्रिया सामने आई। सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्र के औद्योगिक संगठन एसोसिएशन ऑफ इंडस्ट्रीज मध्य प्रदेश के अध्यक्ष प्रमोद डफरिया ने कहा, "कोविड-19 संकट के बाद के वर्तमान परिदृश्य में पेश आम बजट स्वागतयोग्य है और इससे सभी क्षेत्रों के विकास को गति मिलेगी।"
उन्होंने कहा, "हमें उम्मीद है कि बजट में एमएसएमई क्षेत्र के लिए 15,700 करोड़ रुपये के प्रावधान से छोटे उद्योगों को बड़ा लाभ मिलेगा।" बहरहाल, राज्य के सबसे बड़े औद्योगिक क्षेत्र पीथमपुर के 1,500 छोटे-बड़े उद्योगों की नुमाइंदगी करने वाले एक संगठन ने इस बजट प्रावधान को नाकाफी बताया है। पीथमपुर औद्योगिक संगठन के अध्यक्ष गौतम कोठारी ने कहा, "यह बात समझ से परे है कि केंद्र सरकार मात्र 15,700 करोड़ रुपये से देश के उन 35 लाख छोटे उद्योगों की सहायता किस तरह कर पाएगी जो कोविड-19 का झटका झेलने के बाद कार्यशील पूंजी की समस्या से जूझ रहे हैं।"
उन्होंने कहा, "राजस्व की अत्यधिक कमी से जूझती सरकार का आम बजट अर्थव्यवस्था के सामने तनी समस्याओं को बस छूता हुआ निकल गया। बजट में इन समस्याओं का ठोस समाधान नदारद दिखा।" कोठारी ने यह भी कहा कि बजट घरेलू अर्थव्यवस्था में भारी अनिश्चितता का संकेत देता है और इससे महंगाई बढ़ेगी।
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