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अपना काम करने की वजह से रिकॉर्ड 274 पत्रकार जेल में
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अपना काम करने की वजह से रिकॉर्ड 274 पत्रकार जेल में

न्यूयॉर्क। वैश्विक स्तर पर इस महीने की शुरूआत में, अपने काम की वजह से 274 पत्रकारों को जेल जाना पड़ा है और उनमें से करीब तीन दर्जन पत्रकारों पर ‘फर्जी खबर’ देने का आरोप है। यह आंकड़ा कमेटी टू प्रोटेक्ट जर्नलिस्ट्स ने जारी किया है। कमेटी ने मंगलवार को कहा कि यह लगातार पांचवां ऐसा वर्ष है, जब कम से कम 250 पत्रकार हिरासत में हैं, जो कि सरकारों के दमनकारी कदमों को दर्शाता है। 

पत्रकारों को जेल में रखने के मामले में चीन सबसे ऊपर है। इसके बाद तुर्की और मिस्त्र का स्थान है। वहीं बेलारूस और इथियोपिया में राजनीतिक गतिरोध की वजह से भी बड़ी संख्या में पत्रकार हिरासत में हैं। कमेटी ने बताया कि इस साल अब तक 29 पत्रकार मारे जा चुके हैं, जो कि पिछले साल से ज्यादा है। पिछले साल 26 पत्रकार मारे गए थे। हालांकि यह आंकड़ा पिछले दशक के शुरुआती समय से कम है। 2012 और 2013 में 74 पत्रकार मारे गए थे। 

समिति के एक पदाधिकारी कोर्टनी राडसश ने बताया कि कोरोना वायरस संक्रमण की वजह से इस साल संघर्ष क्षेत्रों में पत्रकारों की संख्या कम है, जहां वे संघर्ष का शिकार हो सकते हैं। इस साल अब तक 20 पत्रकार हत्या का शिकार हुए हैं। अमेरिका प्रेस फ्रीडम ट्रेकर ने बताया कि इस महीने की शुरूआत में अमेरिका में किसी पत्रकार की न तो हत्या हुई है और न ही कोई अभी जेल में हैं। लेकिन 2020 में 110 पत्रकारों को गिरफ्तार किया गया और उन पर आपराधिक आरोप लगाए गए। वहीं 300 को उत्पीड़न का सामना करना पड़ा, जिनमें से कई काले व्यक्ति जॉर्ज फ्लॉइड की पुलिस हिरासत में हुई मौत के बाद नस्लीय न्याय को लेकर उभरे विरोध प्रदर्शन की रिपोर्टिंग कर रहे थे। 

कमेटी इस बात को लेकर चिंतित है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की अमेरिका में ‘फर्जी खबरों’ को लेकर बार-बार दिए गए बयान की वजह से अन्य देशों के अधिनायकवादी नेता प्रभावित हो रहे हैं। पिछले कई वर्षों के मुकाबले अब ज्यादा पत्रकार जेल में हैं। कमेटी ने बताया कि 2005 में 131 और 2000 में यह संख्या 92 थी। चीन में 47 पत्रकार जेल में हैं, जिनमें से तीन कोविड-19 महामारी पर सरकार के कदमों से जुड़ी खबरों के लिए जेल में हैं। वहीं मिस्र में 27 पत्रकारों को जेल में जाना पड़ा है, जिनमें से कम से कम तीन को कोविड-19 महामारी से जुड़ी खबरों के लिए जेल जाना पड़ा। वहीं मिस्र और होंडुरास में जेल में संक्रमित होने से पत्रकारों की मौत हो गई। जेल जाने वाले पत्रकारों में से लगभग सभी अपने देश से संबंधित मामलों की रिपोर्टिंग कर रहे थे। कमेटी ने बताया कि जेल जाने वाले पत्रकारों में से 36 महिला पत्रकार हैं। एपी स्नेहा नरेशनरेश

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