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सरकार इंटरनेट पर रोक लगाकर किसानों की आवाज़ दबाने पर आमादा है : काग्रेस
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सरकार इंटरनेट पर रोक लगाकर किसानों की आवाज़ दबाने पर आमादा है : काग्रेस

नयी दिल्ली। कांग्रेस ने रविवार को आरोप लगाया कि केंद्र सरकार आंदोलन स्थलों के आसपास इंटरनेट सेवा पर रोक लगा कर किसानों की आवाज दबाने पर आमादा है। कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि सरकार ने किसान आंदोलन को कुचलने के लिए इंटरनेट सेवा पर रोक लगाई है। उन्होंने इंटरनेट सेवा बहाल करने की मांग करते हुए कहा कि आम लोगों के साथ-साथ छात्रों को भी काफी परेशानी हो रही है जिनकी परीक्षाएं होने वाली हैं। 

लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने आरोप लगाया, ‘‘भाजपा सरकार लोकतंत्र की अनदेखी कर किसान आंदोलन को दबाने और नाकाम करने पर आमादा है। सरकार उन स्थानों के आसपास इंटरनेट कनेक्शनों पर रोक लगा रही है जहां आंदोलन चल रहे हैं।" उन्होंने ट्वीट किया, " मैं हमारे अन्नदाताओं पर इस सरकार द्वारा इस तरह के अत्याचार का विरोध करता हूं। 

शर्म करो भाजपा। शेम, शेम।" चौधरी ने दावा किया, " भाजपा आंसुओं से डर गई है। किसानों की आंखों से निकले आंसुओं की ताकत ने भाजपा को हिला दिया है जो हर मौके का इस्तेमाल घड़याली आंसू बहाने के लिए करती है।" कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि इन कानूनों पर 18 महीने के लिए रोक लगा दी गई है। उन्होंने ट्वीट कर पूछा कि संसदीय समिति को यह समय इन कानूनों का परीक्षण करने और संसद को रिपोर्ट करने के लिए क्यों नहीं दिया गया। पार्टी के अन्य नेता विवेक तन्खा ने भी रमेश की बात का समर्थन किया। उन्होंने ट्विटर पर कहा, " मोदी जी की मंशा पीछने हटने की नहीं है। हालांकि सरकार चिंतित है लेकिन उनका मकसद वार्ताओं आदि को विभाजित करना और किसानों को थकाना है। इस बार उन्होंने गलत नंबर मिला दिया है। "
 

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